रविवार, 19 फ़रवरी, 2006 को 16:23 GMT तक के समाचार
भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि गुजरात में मुर्गीपालन के व्यवसाय से जुड़े जिस किसान की मौत हुई थी उसे बर्ड फ़्लू नहीं था.
भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि प्रारंभिक परीक्षणों से पता चलता है कि उस किसान की मौत किसी अन्य विषाणु के संक्रमण से हुई है.
इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि उस किसान की मौत बर्ड फ्लू के वायरस से हुई है और यह बर्ड फ्लू से पहली मौत थी लेकिन बाद में स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान में इसका खंडन किया गया.
इस बीच रविवार को दो किसानों को फ्लू के लक्षणों के साथ महाराष्ट्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
अधिकारियों ने कहा है कि अभी किसी इंसान में इस बीमारी के कोई सबूत सामने नहीं आए हैं.
इस बीच महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू का ख़तरनाक वायरस एच5एन1 पाए जाने के बाद बड़े पैमाने पर पालतू मुर्ग़ियों को मारा जा रहा है और इस अभियान के तहत लगभग पाँच लाख मुर्ग़े-मुर्ग़ियों को मारा जाएगा.
इस अभियान में पशुपालन विशेषज्ञ भी स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता कर रहे हैं.
27 वर्षीय गणेश सोनरकर महाराष्ट्र में पोल्ट्री फ़ार्म चलाते थे. सोनरकर के ख़ून के नमूने को परीक्षण के लिए भेजा गया थे.
आठ और लोगों के ख़ून के नमूनों का परीक्षण हो रहा है जिनमें फ़्लू के लक्षण पाए गए थे.
भारत के केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है वायरस पाए जाने वाले स्थान के तीन किलोमीटर के दायरे में तमाम मुर्ग़े-मुर्ग़ियों को मारा जाएगा.
इसके अलावा दस किलोमीटर के दायरे में तमाम मुर्ग़े-मुर्ग़ियों को दवाई पिलाई जाएगी.
भारत में बर्ड फ्लू के ख़तरनाक वायरस एच5एन1 का वायरस पाए जाने के बाद इस पूरे मामले पर दिल्ली में एक सरकारी समिति और राष्ट्रीय अपदा एजेंसी निगरानी रखे हुए हैं.
रोकथाम
शनिवार को महाराष्ट्र में मुर्गियों में बर्ड फ़्लू होने की पुष्टि हुई थी जो भारत में बर्ड फ़्लू का पहला मामला है.
भोपाल की पशु रोग प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद महाराष्ट्र के नंदुरबार ज़िले में बर्ड फ़्लू के मामले की पुष्टि की गई थी.
ऐसा अनुमान है कि महाराष्ट्र में बर्ड फ़्लू के कारण 50,000 मुर्गियों की मौत हो गई है और परीक्षणों से पता चला है कि मारी गई कई मुर्गियों में बर्ड फ़्लू के वायरस थे.
महाराष्ट्र के पशुपालन मंत्री अनीस अहमद ने कहा है कि शनिवार को बर्ड फ़्लू का पहला मामला सामने आने के कुछ घंटे बाद ही मुर्गियों को मारे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी.
पशुपालन मंत्री ने बताया कि 200 से ज़्यादा डॉक्टरों की सेवाएँ ली जा रही हैं और मुर्गियों को मारने का काम तेज़ी से चल रहा है.
अन्य मामले
मुर्गियों को मारने के लिए कार्बन मोनोऑक्साइड और कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
मुंबई से क़रीब 400 किलोमीटर दूर स्थित नंदुरबार ज़िले में प्रभावित क्षेत्र के तीन किलोमीटर के दायरे में घेराबंदी कर दी गई है.
अधिकारियों ने कहा है कि फ़िलहाल वहाँ से लोगों को हटाए जाने की ज़रूरत नहीं है. केंद्र सरकार ने अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है.
सरकार ने कहा है कि प्रभावित मुर्गीपालकों को वित्तीय मदद दी जाएगी.
शनिवार को केंद्रीय कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में दिल्ली में शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक भी हुई थी जिसमें बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जाने वाले क़दमों पर चर्चा की गई.
उधर फ़्रांस और ईरान में भी एच5एन1 वायरस पाया गया है.
ऑस्ट्रिया में भी एच5एन1 वायरस पाए जाने के दो और मामले सामने आए हैं.
इंडोनेशिया ने अपने यहाँ बर्ड फ़्लू से 19वीं मौत की पुष्टि की है.
मिस्र में भी एच5एन1 वायरस पाए जाने का पहला मामला सामने आने के बाद वहाँ दस हज़ार पक्षियों को मारा जा रहा है.