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शनिवार, 18 फ़रवरी, 2006 को 18:31 GMT तक के समाचार

भारत में बर्ड फ्लू का पहला मामला

भारतीय अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि भारत के महाराष्ट्र राज्य में मुर्गियों में बर्ड फ्लू के वायरस पाए गए हैं.

यह पहला मौक़ा है जब दुनिया के अनेक देशों में फैल चुकी इस बीमारी के वायरस भारत में पाए गए हैं.

महाराष्ट्र के पशुपालन मंत्री अनीस अहमद का कहना है कि मध्य प्रदेश की विशेष प्रयोगशाला में की गई जाँच में मुर्गियों में घातक एच5एन1 वायरस पाए गए हैं.

महाराष्ट्र में नंदुरबार ज़िले में बड़ी संख्या में मुर्गियों के मरने के बाद जो नमूने जाँच के लिए भोपाल भेजे गए थे और उन सब में वायरस की मौजूदगी की पुष्टि हो गई है.

महाराष्ट्र के पशुपालन मंत्री ने बीबीसी को बताया कि रोग से प्रभावित इलाक़े में लगभग पाँच लाख मुर्गियों को अगले 24 घंटे के अंदर मार डाला जाएगा ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके.

आपात बैठक

भोपाल के पशु रोग प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के फ़ौरन बाद केंद्रीय कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में दिल्ली में शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक बुलाई गई जिसमें बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जाने वाले क़दमों पर चर्चा हुई.

इस बैठक में मौजूद केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पी होता ने बताया कि गुजरात-महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित नवगाँव की 16 पोल्ट्री फार्मों की मुर्गियों में वायरस पाया गया है.

बैठक के फौरन बाद एक त्वरित कार्रवाई बल को प्रभावित इलाक़े के लिए रवाना कर दिया गया है.

जिस फार्म की मुर्गियों में बीमारी के वायरस पाए गए हैं उसके तीन किलोमीटर दूर तक घेराबंदी कर गई है ताकि लोग संक्रमित मुर्गियों के संपर्क में न आएँ.

इसके अलावा बड़े पैमाने पर मुर्गियों को टीका लगाने की योजना भी तैयार की गई है.

मुर्गी फार्मों के मालिकों को सरकार ने आश्वस्त किया है कि उन्हें होने वाले नुक़सान का आधा हिस्सा सरकार वहन करेगी.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया है कि नंदुरबार ज़िले में फ्लू जैसे लक्षण के साथ अस्पताल पहुँचे कुछ लोगों की पूरी जाँच की जा रही है लेकिन अभी तक किसी व्यक्ति में बर्ड फ्लू का संक्रमण पहुँचने की पुष्टि नहीं हुई है.

उन्होंने बताया कि सभी राज्यों को बर्ड फ्लू के बारे में आगाह कर दिया गया है और उनसे कहा गया है कि वे पूरी चौकसी बरतें.