गुरुवार, 16 फ़रवरी, 2006 को 05:02 GMT तक के समाचार
भारत और पाकिस्तान शुक्रवार को ईरान से आने वाली गैस पाइप लाइन परियोजना पर चर्चा कर रहे हैं.
इसके लिए पाकिस्तान के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री अमानुल्ला ख़ान दिल्ली में हैं.
सात अरब डालर की इस परियोजना पर ऐसे समय में चर्चा होने जा रही है जब परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध का ख़तरा मंडरा रहा है.
उधर अमरीका भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों को संकेत दे चुका है कि वो इस परियोजना के पक्ष में नहीं है. लेकिन दोनों देशों अब तक कहते आए हैं कि ये उनकी अर्थव्यवस्था से जुड़ा अहम मसला है.
इस परियोजना के तहत ईरान से पाइप लाइन के ज़रिए गैस पाकिस्तान और भारत पहुँचाई जाएगी.
जैसा कि पेट्रोलियम सचिव एमएस श्रीनिवासन ने बताया, "मुख्य मुद्दा गैस की क़ीमत और परियोजना के ढाँचे का है."
परियोजना के ढाँचे को लेकर पाकिस्तान और भारत तीनों देशों का एक समूह बनाने पर विचार कर रहे हैं और योजना है कि हर देश परियोजना के अपने हिस्से का निर्माण ख़ुद करेगा.
पेट्रोलियम सचिव के मुताबिक़ भारत और पाकिस्तान इस पर चर्चा करेंगे.
क़ीमत को लेकर ज़रुर ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि अब ईरान का रुख़ हो सकता है कि भारत के प्रति वैसा दोस्ताना न हो जैसा इस परियोजना की चर्चा शुरु होने के समय था.
उल्लेखनीय है कि इस बीच भारत ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मसले पर ईरान का साथ देने की बजाय अमरीका का साथ देना अपने हित में माना है.
इस बात को लेकर भारत में राजनीतिक बहस चल रही है कि क्या भारत परमाणु संधि को लेकर अमरीका के दबाव में है.