मंगलवार, 14 फ़रवरी, 2006 को 02:29 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने अमरीका से कश्मीर विवाद में मध्यस्था करने की अपील की है.
उन्होंने कहा कि विश्व की एक मात्र महाशक्ति होने के नाते ये अमरीका का दायित्व है कि वो इस विवाद को सुलझाने में मदद करे.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ये अपील ऐसे समय में की है जब अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के भारत और पाकिस्तान यात्रा की तैयारी चल रही है. जॉर्ज बुश मार्च के पहले हफ़्ते में दोनों की यात्रा पर आने वाले हैं.
परवेज़ मुशर्रफ़ की इस अपील पर अभी भारत की प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन भारत कहता रहा है कि इस मामले में किसी तीसरे पक्ष की उपस्थिति उसे मंज़ूर नहीं है.
पाकिस्तान हमेशा से तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का पक्षधर रहा है.
इस्लामाबाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ़ ने कहा कि पाकिस्तान और भारत को ये मुद्दा आपस में सुलझाना है और विवाद सुलझाने का ये सही मौक़ा है.
छह दशक पुराने कश्मीर विवाद के बारे में उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के कश्मीरी लोग शांति चाहते हैं.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि वे अमरीका से ऐसी अपील इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह अमरीका की ज़िम्मेदारी भी है और वे उम्मीद करते हैं कि जॉर्ज बुश ज़मीनी हक़ीकत को समझते हैं.
ईरान गैस पाइप लाइन
जनरल मुशर्रफ़ ने ईरान गैस पाइप लाइन पर कहा कि अमरीका के विरोध के बावजूद वे इसके पक्ष में हैं.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की बढ़ती अर्थव्यवस्था को इस पाइप लाइन की सख़्त आवश्यकता है.
उल्लेखनीय है कि अमरीका इस गैस पाइप लाइन का विरोध करता रहा है और जब यह बात राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से पूछी गई तो उन्होंने कहा, "ईरान गैस बेचना चाहता है और पाकिस्तान को गैस की ज़रुरत है, यदि कोई इसका विरोध कर रहा है तो उसे हमें वित्तीय सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए."
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि अमरीका के साथ व्यापार बढ़ाना पाकिस्तान की प्राथमिकताओं में शामिल है.