गुरुवार, 09 फ़रवरी, 2006 को 23:00 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में सूबा सरहद में मोहर्रम के दसवें दिन, यानी आशूरा के मौक़े पर निकाले गए जुलूस पर हुए हमले में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है.
शिया मुसलमानों के जुलूस में हुए ज़ोरदार बम धमाके में 65 लोगों के घायल होने की भी ख़बर है जिनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
इसके बाद प्रशासन ने कर्फ़्यू लगाने की घोषणा कर दी है.
सूबा सरहद के हंगू क़स्बे से मिली एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जुलूस पर गोलियाँ भी चलाईं गईं.
पाकिस्तान के गृह मंत्री आफ़ताब अहमद शेरपाओ ने कहा है कि यह कोई आत्मघाती हमला नज़र आता है. उन्होंने इस हमले की निंदा करते हुए इसे आतंकवादी कार्रवाई बताया.
सूबा सरहद के पुलिस प्रमुख अयूब ख़ान ने समाचार एजेंसी एपी से बातचीत में कहा, "पहले हमें लगा कि धमाका रिमोट कंट्रोल से किया गया लेकिन अब लग रहा है कि यह एक आत्मघाती हमला था."
उन्होंने बताया, "लोग आपस में लड़ रहे हैं, पुलिस उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है लेकिन जुलूस में शामिल लोग इतने नाराज़ हैं कि वे पुलिस की गाड़ियों और एंबुलेंस तक पर हमला कर रहे हैं."
अपील
हंगू के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ग़नी उर रहमान ने बताया है कि विस्फोट के बाद हुई आगज़नी में क़स्बे के बाज़ार का आधा से अधिक हिस्सा जल गया है.
उन्होंने बताया कि क़स्बे में काफ़ी तनाव है और दोनों समुदायों के धार्मिक नेता तनाव को कम करने के प्रयास कर रहे हैं.
शिया धार्मिक नेता अल्लामा मेहदी नजफ़ी ने कहा, "इस हमले की वजह से पूरे देश में गुस्सा फैल गया है लेकिन मैं लोगों से अपील कर रहा हूँ कि वे शांत हो जाएँ."
यह धमाका तब हुआ जब शिया मस्जिद से सैकड़ों लोग जुलूस की शक्ल में निकले और वे एक व्यस्त बाज़ार से गुज़र रहे थे.
अशूरा मुसलमानों के पैगंबर हज़रत मोहम्मद के नाती इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है.
पाकिस्तान में मुहर्रम के महीने में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है क्योंकि हर वर्ष शिया और सुन्नी गुटों के बीच सांप्रदायिक तनाव पैदा हो जाता है.