बुधवार, 08 फ़रवरी, 2006 को 13:46 GMT तक के समाचार
गुजरात में पुलिस चार साल पहले हुए दंगों से जुड़े 16 सौ मामलों को फिर से खोलने जा रही है.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात पुलिस को आदेश दिए थे कि वो ऐसे 2000 मामलों की फिर से जाँच करे जिन्हें सबूत के अभाव में बंद कर दिया गया था.
इन दंगों में एक हज़ार से भी अधिक मुसलमानों की मौत हुई थी.
जाँच के बाद पुलिस ने यह फ़ैसला किया है.
गुजरात के पुलिस महानिदेशक एके भार्गव ने बीबीसी को बताया कि पुलिस 1594 मामलों को फिर से खोलने जा रही है.
उन्होंने बताया कि दंगों में अलग-अगल स्तर पर शामिल होने का आरोप लगने के बाद 41 पुलिस वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरु की गई है.
महानिदेशक भार्गव ने बताया कि दंगों के तेरह नए मामले भी दर्ज किए जाएँगे.
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने 1965 मामलों की फिर से जाँच की और इसके बाद 640 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
उनका कहना था कि सबूत के अभाव में 40 मामलों को बंद भी करना पड़ा है.
उल्लेखनीय है कि 2002 की फ़रवरी में गोधरा में एक ट्रेन में लगी आग लगने के बाद 65 हिंदू कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी. इसके लिए मुसलमानों की भीड़ को दोषी ठहराया गया था.
इसके बाद गुजरात में दंगे भड़क गए थे.