बुधवार, 08 फ़रवरी, 2006 को 09:38 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के क़लात शहर में पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों को लेकर चल रहे ताज़ा विरोध प्रदर्शनों में चार लोग मारे गए हैं और 10 लोग घायल हैं.
क़लात शहर में प्रदर्शकारियों ने अमरीकी सैनिक ठिकाने में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ पर गोलियाँ चलाई.
अभी तक अफ़ग़ानिस्तान में इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान 12 लोग मारे जा चुके हैं. ये घटना उस समय हुई है जब एक फ़्रांसीसी पत्रिका ने इन विवादित कार्टूनों को छापा है.
चार्ली हेबडो नाम की इस पत्रिका में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापने का मामला अदालत तक गया. लेकिन एक फ़्रांसीसी अदालत ने इस पर रोक लगाने से मना कर दिया.
फ़्रांस के कई इस्लामिक संगठनों ने ये शिकायत की थी कि पत्रिका में कार्टूनों के छपने से उनकी धार्मिक भावनाओं का अपमान होगा.
चार्ली हेडबो नाम की इस पत्रिका ने अपने ताज़ा संस्करण में पैगंबर मोहम्मद के उन सभी 12 कार्टूनों को छापा है जो सबसे पहले डेनमार्क के एक अख़बार में छपे थे.
गोलीबारी
अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प लगातार चौथे दिन भी चली. एक वरिष्ठ अफ़ग़ान सैनिक अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि दक्षिणी ज़ाबुल प्रांत में कई लोग हताहत हुए हैं.
क़लात में सैकड़ों की संख्या में जुटे प्रदर्शकारियों और पुलिस में झड़प हुई. प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाज़ी की तो पुलिस ने पहले हवा में गोलियाँ चलाई.
अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब वहाँ स्थिति नियंत्रण में है. राजधानी काबुल में भी प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए हैं और देश के अन्य शहरों में भी विरोध-प्रदर्शनों की योजना है.
नैटो की अगुआई वाली शांति सेना का कहना है कि देश के पश्चिमोत्तर शहर मयमाना में हिंसा की अब कोई ख़बर नहीं है. यहाँ मंगलवार को नॉर्व के सैनिकों पर हमला हुआ था.
इस इलाक़े में ब्रितानी सैनिकों को भेजा गया है और वे वहाँ स्थानीय अफ़ग़ान पुलिसकर्मयों के साथ मिलकर गश्त लगा रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति का कहना है कि वे इस तरह की घटनाओं पर खेद व्यक्त करते हैं. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान लोगों को ये समझना चाहिए कि पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापने का यूरोपीय सैनिकों से कोई लेना-देना नहीं है.