भारत में हवाई अड्डा कर्मचारियों ने उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल के लिखित आश्वासन के बाद शनिवार को अपनी हड़ताल समाप्त कर दी.
प्रधानमंत्री की कर्मचारी नेताओं की मुलाक़ात और आश्वासन के मद्देनज़र शनिवार को हड़ताल समाप्ति की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन शुक्रवार रात की पुलिस कार्रवाई से नाराज़ नेताओं से इसे जारी रखने की घोषणा कर दी थी.
इसके बाद उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से हड़ताली कर्मचारी नेताओं की बातचीत हुई जिसमें एक त्रिपक्षीय समिति गठित करने का फ़ैसला हुआ. यह समिति हवाई अड्डों के निजीकरण के विषय पर चर्चा करेगी.
इस समिति में यूनियन नेता, विमानपत्तन प्राधिकरण और उड्डयन मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे.
इसके पहले हड़ताली कर्मचारी पुलिस कार्रवाई से भड़क उठे थे. हवाई अड्डा कर्मचारियों का आरोप था कि शुक्रवार की रात पुलिस ने उनके तंबू उखाड़ दिए और कुछ लोगों की पिटाई भी की.
पुलिस का कहना है कि वे दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का पालन कर रहे थे जिसमें कहा गया है कि हवाई अड्डे के 500 मीटर से हड़ताली कर्मचारियों को हटाया जाए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो.
प्रधानमंत्री का आश्वासन
इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हड़ताल कर रहे हवाई अड्डा कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे अपने काम पर लौट आएँ.
प्रधानमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि दिल्ली और मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में लोगों को नौकरियों से नहीं हटाया जाएंगी.
प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि, नागरिक उड्डयन मंत्री और वामपंथी दल के प्रतिनिधि मौजूद थे.
नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि कर्मचारी संगठनों को आश्वासन दिया गया है कि उनके भविष्य को ध्यान में रखा जाएगा.
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि जिन दो निजी कंपनियों को आधुनिकीकरण का ठेका दिया गया है उन्होंने 60 प्रतिशत कर्मचारियों की नौकरी बरक़रार रखने का वादा किया है.
उन्होंने कहा कि वे इन कंपनियों से अनुरोध करेंगे कि अधिक से अधिक कर्मचारियों की नौकरी कायम रखी जाए.