http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 02 फ़रवरी, 2006 को 13:53 GMT तक के समाचार

मीरवाइज़ ने की जम्मू में पहली रैली

भारत प्रशासित कश्मीर के अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने पहली बार हिंदू बहुल इलाक़े जम्मू में एक सार्वजनिक सभा की. उन्होंने दावा किया कि ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ़्रेस के पास कश्मीर मसले के हल की चाबी है.

हालाँकि जम्मू पहुँचने पर हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज़ का विरोध भी हुआ. हवाई अड्डे पर शिवसेना समर्थकों ने उनके ख़िलाफ़ नारे भी लगाए. जम्मू में उनकी पहली सार्वजनिक सभा में क़रीब 300 लोग मौजूद थे.

उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि भारत प्रशासित कश्मीर के सभी लोग और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के सभी लोग अपने मतभेद भुला दें.

हल

मीरवाइज़ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक जटिल मसला है और हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस का गठन ही इस मसले के हल के लिए हुआ था.

उन्होंने कहा, "कश्मीर मसले के हल की चाबी हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के पास है. इसके लिए एक-एक करके क़दम उठाना होगा. हम दोनों तरफ़ के लोगों को क़रीब लाए हैं और शांतिपूर्ण महौल तैयार किया है."

उन्होंने अपनी वो बात दोहराई कि मसले के हल की दिशा में पहला क़दम सफलतापूर्वक बढ़ाने के बाद हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस स्वशासन, सैनिकों को हटाए जाने और संयुक्त कश्मीर के बारे में विस्तार से जानकारी देगा.

उन्होंने कश्मीर में शांति के लिए भारत और पाकिस्तान की ओर से भरोसा बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे क़दमों का स्वागत किया. लेकिन उनका कहना है कि इस दिशा में सबसे बड़ा क़दम वो होगा, जिसमें एक प्रक्रिया के तहत कश्मीर से सैनिकों की वापसी होगी.

मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आधार पर कश्मीर का विभाजन हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस को मंज़ूर नहीं है. हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष तीन दिन तक जम्मू में रहेंगे और उनकी कश्मीरी हिंदुओं से भी मिलने की योजना है.