गुरुवार, 02 फ़रवरी, 2006 को 12:59 GMT तक के समाचार
दिल्ली और मुंबई हवाईअड्डों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को शुरु हुई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन मिला-जुला असर देखने को मिला.
हालाँकि केंद्र सरकार का कहना है कि हड़ताल के बावजूद देश भर मे हवाई सेवाएँ सामान्य रहीं.
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने पूरे देश में हड़ताली कर्मचारियों के हवाई अड्डे के 500 मीटर के दायरे में प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है.
अदालत ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश सुनाया.
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने याचिका में कहा था कि हड़ताल के कारण यात्रियों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
वहीं रिलायंस एयरपोर्ट डेवलपर ने आधुनिकीकरण के लिए लगाई गई बोलियों की सारी प्रक्रिया को रद्द करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है.
रिलायंस ने भी अपनी ओर से बोली लगाई थी लेकिन उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सका.
भारत में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के लगभग 22000 हवाई अड्डा कर्मचारी दिल्ली और हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण का काम निजी कंपनियों को सौंपे जाने के केंद्र सरकार के फ़ैसले का विरोध करने के लिए हड़ताल कर रहे हैं.
मंगलवार को निविदाएँ खोलने के बाद नागरिक विमानन और उड्डयन मंत्रालय ने दोनों हवाईअड्डों को निजी हाथों में देने की घोषणा की थी और बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सौदे को मंज़ूरी दे दी.
एयर टैफ़िक कंट्रोल के कर्मचारी हालांकि हड़ताल पर नहीं हैं लेकिन उन्होंने एएआई कर्मचारियों के हड़ताल के प्रति समर्थन जताया था. हालाँकि सरकार को समर्थन दे रहे वामपंथी दल भी विरोध कर रहे हैं.
हड़ताल का दूसरा दिन
केंद्र सरकार ने हवाई अड्डा कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन कहा कि पूरे देश के सभी हवाई अड्डों पर सभी विमानों का आवागमन सुचारू तरीक़े से जारी रहा.
मगर अधिकारियों ने ये स्वीकार किया कि दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में विमानों के आने-जाने में थोड़ा विलंब हो रहा है.
उन्होंने कहा कि इन तीनों हवाई अड्डों पर टॉयलेट-आदि की साफ़-सफ़ाई में परेशानी आई है और सामान उठाने वाली ट्रॉलियों की भी समस्या आई लेकिन इनके अलावा कोई बड़ी समस्या नहीं है.
दिल्ली में हवाई अड्डे पर सुरक्षा काफ़ी कड़ी कर दी गई है क्योंकि हड़ताली कर्मचारी हवाई अड्डे के भीतर जाने की कोशिश कर रहे थे.
गुरूवार को हड़ताली कर्मचारियों ने दिल्ली हवाई अड्डे के बाहर प्रदर्शन किए और वहाँ आने-जानेवाली सड़कों पर यातायात को भी ठप्प कर दिया.
इस कारण गाड़ियों की लंबी क़तारें लग गईं और यात्रियों और अन्य कर्मचारियों को चलकर हवाई अड्डे तक जाना पड़ा.
कोलकाता में भारतीय विमानन प्राधिकरण के क्षेत्रीय निदेशक डी के मोंगा ने कहा कि स्थिति को सामान्य करने में तब तक मुश्किल आएगी जब तक कि कर्मचारी काम पर वापस नहीं आते.
उन्होंने कहा,"जबतक कर्मचारी काम पर नहीं लौटते, सारी सेवाओं का सामान्य हो सकना बहुत मुश्किल होगा".
मुंबई में भी हड़ताल जारी है लेकिन वहाँ हड़ताल शांतिपूर्ण रही है.