सोमवार, 30 जनवरी, 2006 को 16:22 GMT तक के समाचार
भारत के पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह राजस्थान से सीमा पार करके पाकिस्तान पहुँचे हैं.
वर्ष 1965 में राजस्थान सीमा को बंद किए जाने के बाद यह पहला मौक़ा है जब किसी को यहाँ से गुज़रने की अनुमति दी गई है.
जसवंत सिंह अस्सी सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ राजस्थान के मुनाबाव से पाकिस्तान के सिंध प्रांत में खोखरापार पहुँचे हैं.
इस प्रतिनिधिमंडल में जसवंत सिंह के पुत्र सहित उनके परिवार के कुछ सदस्य और हिंदू तीर्थयात्री शामिल हैं.
तीर्थ
ये प्रतिनिधिमंडल सोमवार की रात को कराची में रूकने के बाद मंगलवार की शाम को बलूचिस्तान पहुँचेगा.
जहाँ ये लोग हिंगलाज भवानी मंदिर में शाम की पूजा-अर्चना करेंगे.
जसवंत सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे क़ायदे आज़म मोहम्मद अली जिन्ना की मज़ार पर भी जाएँगे, जिन्हें 'सेक्युलर' कहकर भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने भारी राजनीतिक मुसीबत मोल ले ली थी.
पिछले वर्ष लालकृष्ण आडवाणी की पाकिस्तान यात्रा से उपजे विवाद के बाद जसवंत सिंह का जिन्ना की मज़ार पर जाने का फ़ैसला अहम माना जा रहा है.
जसवंत सिंह बार-बार यही कह रहे हैं कि वे किसी तरह का विवाद नहीं चाहते.
रेल संपर्क
भारत और पाकिस्तान की सरकारें पहले ही राजस्थान और सिंध को रेल संपर्क से जोड़ने को तैयार हो गई हैं.
जसवंत सिंह के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल तो सड़क के रास्ते गया है लेकिन जल्दी ही मुनाबाव और खोखरापार के बीच रेल सेवा शुरू होने वाली है जिसका का तेज़ी से चल रहा है.
यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब इस्लामाबाद में इस रेल सेवा को शुरू करने के बारे में दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक चल रही है.