रविवार, 29 जनवरी, 2006 को 13:31 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के लाहौर शहर में भारी विवाद और कड़ी सुरक्षा के बीच मैराथन दौड़ शांतिपूर्ण तरीक़े से संपन्न हो गई.
मैराथन में हिस्सा लेने वाले लोगों से अधिक संख्या में पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किए थे, लगभग हर धावक के साथ सुरक्षाकर्मी मोटरसाइकिल पर चल रहे थे.
इस दौड़ में लगभग 500 महिलाओं ने भी हिस्सा लिया जिनके भाग लेने पर कट्टरपंथी इस्लामी गुट विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
उनका कहना था कि मर्दों और औरतों का एक साथ दौड़ना गैर इस्लामी है.
माना जा रहा था कि इस मैराथन दौड़ में 2000 हज़ार महिलाएँ हिस्सा लेंगी लेकिन तनाव के कारण सिर्फ़ पाँच सौ महिलाएँ ही सामने आईं.
इस दौड़ में लगभग 60 विदेशी धावकों ने भी हिस्सा लिया है.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण मैराथन देखने की अनुमति किसी को नहीं मिल सकी, धावकों का हौसला बढ़ाने वाला कोई नहीं था.
इस दौड़ से जुटाई गई रक़म को भूकंप प्रभावित इलाक़ों में मदद के लिए ख़र्च किया जाएगा.
लाहौर मैराथन में तीन श्रेणियाँ थीं, सिर्फ़ मर्दों की दौड़, मर्द-औरतों की मिली-जुली दौड़ और विकलांग लोगों के अलग रेस का आयोजन किया गया था.
लाहौर में आयोजित यह दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैराथन है.
विरोध
पिछले साल भी पाकिस्तान में कुछ शहरों में इस तरह का मैराथन करने का प्रयास किया गया था लेकिन हिंसक प्रदर्शनों के कारण सरकार को कई जगह इसे रद्द करना पड़ा.
पिछले ही वर्ष पाकिस्तानी पंजाब के गुजराँवाला शहर में आयोजित मैराथन को रोकने की कोशिश की गई थी और हिंसा में एक व्यक्ति की मृत्यु भी हो गई थी.
इस बार भी मैराथन के विरोध में शहर में प्रदर्शन हुए.
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार भी किया.
लाहौर के इस्लामिया कॉलेज से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठी चार्ज का सहारा लेना पड़ा.