शनिवार, 28 जनवरी, 2006 को 19:56 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में एक अमरीकी फौजी को सैनिक अदालत ने दो क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार का दोषी क़रार दिया है.
उरूज़गान प्रांत में अमरीकी कोर्ट मार्शल ने जेम्स हेज़ को चार महीने कारावास की सज़ा सुनाई है.
जेम्स हेज़ यह कारावास कुवैत की जेल में काटेंगे, जबकि क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के इसी मामले में एक अन्य सैनिक के ख़िलाफ़ सुनवाई सोमवार से शुरू होगी.
क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की यह घटना पिछले वर्ष जुलाई में हुई थी, हेज़ पर आरोप था कि उन्होंने क़ैदियों को घूंसा मारा.
अमरीकी सेना ने कहा है कि जिन क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया था वे ठीक हालत में हैं और उन्हें किसी इलाज की ज़रूरत नहीं है.
मानवाधिकार संगठन लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि अमरीकी सैनिक अफ़ग़ान क़ैदियों के साथ बुरा सुलूक करते हैं.
पिटाई
दोषी पाए जाने के बाद हेज़ का ओहदा घटा दिया गया है और चार महीनों के कारावास के दौरान उन्हें कोई वेतन भत्ता नहीं मिलेगा.
शनिवार को पत्रकारों के लिए जारी किए बयान में कहा गया है कि "अमरीकी सेना ऐसे मामलों को बहुत गंभीरता से लेती है."
सेना ने बताया कि एक तीसरे सैनिक के ख़िलाफ़ भी मुक़दमा चलाया जा रहा है क्योंकि उन्हें इन घटनाओं का पता था लेकिन उन्होंने अपने अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी थी.
इससे पहले अमरीकी सैनिकों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने कुछ क़ैदियों को मारकर उनकी लाश जला दी थी.
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की हिरासत में अब तक कम से कम आठ क़ैदियों की मौत हो चुकी है.
वर्ष 2002 में काबुल के बाहर बग़राम स्थित सैनिक छावनी में दो क़ैदियों की मौत के मामले में पाँच अमरीकी सैनिकों को दोषी पाया गया था.