बुधवार, 25 जनवरी, 2006 को 13:22 GMT तक के समाचार
भारत और सऊदी अरब ने चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं जिनमें 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई' में सहयोग का समझौता भी शामिल है.
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला बिन अब्दुल अज़ीज़ के बीच बुधवार को हुई वार्ता के बाद इन समझौतों पर दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए.
सऊदी अरब के शाह गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं और वह अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ मंगलवार को दिल्ली पहुँचे.
1955 के बाद से भारत आने वाले वह पहले सऊदी शाह हैं.
भारत सरकार के प्रवक्ता के अनुसार मनमोहन सिंह और शाह अब्दुल्ला के बीच 45 मिनट रूबरू बात हुई.
प्रवक्ता के अनुसार प्रतिनिधि मंडलों के बीच हुई चर्चा में दोनों देशों ने आर्थिक विषयों पर और 'आतंकवाद' से जुड़े मुद्दों पर बात की.
भारत ने सऊदी अरब से कहा कि वह चाहता है कि 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई' में सऊदी अरब साथ दे और इसके जबाव में सऊदी अरब ने कहा कि वह बहुत समय से यह लड़ाई लड़ रहा है.
समझौते
'आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई' के समझौते पर भारत की ओर से गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने और सऊदी अरब की ओर से विदेश मंत्री शाहज़ादा सऊद अलफ़ैज़ल ने हस्ताक्षर किए.
एक दूसरे के नागरिकों को दोहरे टैक्स से बचाने और निवेश बढ़ाने के लिए हुए समझौते पर रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी और सऊदी अरब के वित्तमंत्री इब्राहिम बिन अब्दुल अज़ीज़ ने हस्ताक्षर किए.
खेल और युवा मामलों के समझौते पर भारत की ओर से ऑस्कर फ़र्नांडिस और सऊदी अरब के संस्कृति और सूचना मंत्री इयाद बिन अमीन मदनी ने हस्ताक्षर किए.
इस बैठक के बाद भारत के पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा कि ऊर्जा मामले पर भी चर्चा हुई और यह तय किया गया कि दोनों देश इस विषय पर विधिवत चर्चा शुरु करेंगे.
अधिकारियों का कहना है कि जहाँ भारत चाहता है कि सऊदी अरब तरलीकृत प्राकृतिक गैस और ढाँचागत विकास के क्षेत्र में निवेश करे वहीं सऊदी अरब की रुचि भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में है.