मंगलवार, 24 जनवरी, 2006 को 10:10 GMT तक के समाचार
भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने फ़ोन टैपिंग मामले में समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह की याचिका पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और संचार मंत्रालय को नोटिस जारी किए हैं.
अपने फ़ोन टैप होने के मामले में अमर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके मामले की न्यायिक जाँच करने का अनुरोध किया था.
अमर सिंह ने इसके पीछे केंद्र की यूपीए सरकार और गठबंधन की प्रमुख पार्टी कांग्रेस पर आरोप लगाए थे. लेकिन कांग्रेस और सरकार दोनों ने कहा था कि इससे उनका कोई लेना देना नहीं है.
मुख्य न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को यह मामला सुनवाई के लिए आया.
अमर सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पाँच पक्षों को नोटिस जारी किए हैं.
इनमें केंद्रीय संचार मंत्रालय, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस कमिश्नर, दिल्ली के मुख्य सचिव और गृहमंत्रालय के मुख्य सचिव शामिल हैं.
अदालत ने नोटिस का जवाब देने के लिए एक पखवाड़े का समय दिया है.
अदालत ने नोटिस देते हुए कहा है कि इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि फ़ोन टैपिंग का मामला अपने आपमें गंभीर है और इसके लिए क़ानून बनाने की पहल सरकार करने जा रही है.
याचिका
अमर सिंह ने याचिका दायर करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण उनके फ़ोन टैप करवाए गए हैं.
उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार के गठन के बाद से कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी की प्रतिद्वंद्विता चल रही है.
अमर सिंह ने याचिका में इन सभी लोगों को प्रतिवादी बनाया था जिन्हें नोटिस जारी किया गया है.
समाजवादी पार्टी नेता ने अपनी याचिका में न्यायिक जाँच के अलावा क्षतिपूर्ति दिलवाए जाने का अनुरोध किया है.