मंगलवार, 24 जनवरी, 2006 को 01:28 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान का कहना है कि सिर्फ़ ऐसा देश ही इस्लामी देशों के संगठन (ओआईसी) में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हो सकता है जिसका किसी सदस्य देश से विवाद न हो.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तस्नीम असलम ने भारत के नाम लिए बिना यह बयान दिया है.
दरअसल, सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि भारत को ओआईसी में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल किया जाना चाहिए और पाकिस्तान को चाहिए कि वह इसका प्रस्ताव रखे.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला के बयान पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की लेकिन कहा कि ओआईसी में किसी ग़ैर मुस्लिम देश को शामिल करने के बारे में विचार-विमर्श का दौर जारी है.
तस्नीमा असलम ने बताया कि ओआईसी ने इसके लिए एक समिति गठित की है लेकिन उसे किसी निष्कर्ष पर पहुँचने में अभी समय लग सकता है.
पाकिस्तानी प्रवक्ता का कहना था कि ओआईसी की समिति इस बात पर विचार कर रही है किसी देश को किन शर्तों पर शामिल किया जा सकता है.
असलम ने कहा कि जो देश ओआईसी में पर्यवेक्षक का दर्जा चाहते हैं उनका किसी सदस्य देश से विवाद नहीं होना इन शर्तों में से एक है. ज़ाहिर है, उनका इशारा कश्मीर विवाद की तरफ़ था.
भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ तेल और गैस के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाना चाहते हैं.
शाह अब्दुल्ला 26 जनवरी के समारोहों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं.