मंगलवार, 24 जनवरी, 2006 को 10:40 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने अपने यहाँ 13 जनवरी को हुए एक अमरीकी मिसाइल हमले के मुद्दे पर बढ़ते तनाव के बीच अमरीकी रक्षा मंत्री डोमाल्ड रम्सफ़ेल्ड से वाशिंगटन में मुलाक़ात की है.
डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि इस मुलाक़ात में दोनों देशों के बीच संबंधों की महत्ता पर ज़ोर दिया गया.
शौकत अज़ीज़ ने अफ़ग़ान सीमा के निकट पाकिस्तानी क़बायली इलाक़े में गत 13 जनवरी को उस अमरीकी मिसाइल हमले की सार्वजनिक रूप से निंदा की थी जिसमें 18 लोग मारे गए थे.
उस हमले के बाद पाकिस्तान में अमरीका विरोधी प्रदर्शन भी हुए थे. सोमवार को विपक्षी दलों ने वहाँ प्रदर्शन करने की कोशिश की थी लेकिन सरकार ने विपक्षी नेताओं को वहाँ नहीं जाने दिया.
शौकत अज़ीज़ ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ाई के लिए संकल्पबद्ध है.
पाकिस्तान ने उस हमले की निंदा की थी लेकिन अमरीका ने उस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था.
वह अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से भी मुलाक़ात करने वाले हैं और बुश से भी यह मुद्दा उठाएंगे.
प्रगतिशील राष्ट्र
शौकत अज़ीज़ ने परंपरावादियों का बौद्धिक गढ़ कहे जाने वाले हैरिटेज फाउंडेशन में एक भाषण में कहा, "आज और भविष्य के कल का पाकिस्तान बीते हुए कल का पाकिस्तान नहीं है."
उन्होंने कहा, "हम एक मज़बूत और गतिशील राष्ट्र हैं... जो एक प्रगतिशील, लोकतांत्रिक, उदार और सहनशील इस्लामी राजनीतिक व्यवस्था के लिए संकल्पबद्ध हैं."
शौकत अज़ीज़ ने पाकिस्तान और अमरीका के बीच संबंधों का भी ज़िक्र करते हुए कहा, "क्षेत्र की स्थिरता का तक़ाज़ा है कि दोनों देशों के बीच रचनात्मक और दीर्घकालीन संबंध बनाए जाएँ."
ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ान सीमा के निकट पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े बजौड़ में दमादौला गाँव में मिसाइल हमले संभवतः अल क़ायदा के वरिष्ठ नेता अयमन अल ज़वाहिरी की तलाश में किए गए थे.
लेकिन ख़बरें आईं कि हमले के समय ज़वाहिरी वहाँ नहीं थे लेकिन पाकिस्तान ने कहा कि कई चरमपंथी उस हमले में मारे गए थे.
अफ़ग़ानिस्तान में क़रीब बीस हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं लेकिन उन्हें पाकिस्तानी क्षेत्र में अभियान चलाने की इजाज़त नहीं है.
पाकिस्तान में भी क़बायली क्षेत्र में अल क़ायदा के चरमपंथियों की तलाश के लिए क़रीब सत्तर हज़ार सैनिक तैनात कर रखे हैं.