सोमवार, 23 जनवरी, 2006 को 18:19 GMT तक के समाचार
भारत सरकार और पूर्वोत्तर भारत के विद्रोही गुट अल्फ़ा के बीच मध्यस्थ इंदिरा गोस्वामी ने कहा है कि दोनों पक्षों के बीच सात फ़रवरी को नए दौर की वार्ता होगी.
इंदिरा गोस्वामी ने दिल्ली में बीबीसी को बताया कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन ने दूसरे दौर की बातचीत की सूचना दी है.
भारत सरकार और अल्फ़ा के बीच पिछले वर्ष अक्तूबर में पहले दौर की वार्ता हुई थी.
पहले दौर की वार्ता से पहले असम के विभिन्न वर्गों के 11 व्यक्तियों का एक समूह गठित किया गया था जिसमें इंदिरा गोस्वामी जैसी लेखिका और कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे.
लेकिन इंदिरा गोस्वामी ने कहा कि बातचीत के मुद्दे क्या होंगे इस बारे में अभी फ़ैसला नहीं हो सका है.
उन्होंने कहा"मुद्दों के बारे में अभी फ़ैसला नहीं हुआ है, हम तारीख़ की प्रतीक्षा कर रहे थे और वह तय हो गई है".
ख़तरे में वार्ता
इंदिरा गोस्वामी ने बताया कि बातचीत के बारे में अल्फ़ा के प्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है.
पिछले दिनों अल्फ़ा ने बातचीत में प्रगति ना होने पर निराशा जताते हुए बातचीत से अलग हटने की घोषणा की थी.
अल्फ़ा के सैनिक कमांडर परेश बरूआ ने बीबीसी से कहा,"हमने भारत सरकार से बातचीत शुरू करने की कोशिश की मगर वह गंभीर नहीं थी".
लेकिन इंदिरा गोस्वामी ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है कि सरकार वार्ता के प्रति गंभीर है.उन्होंने साथ ही अल्फ़ा से हिंसा बंद करने की अपील की.
अल्फ़ा के अलगाववादी छापामारों ने पिछले दो दिनों में एक सैनिक ठिकाने पर मोर्टार बरसाए हैं, एक दर्जन धमाके किए हैं और घात लगाकर हमला कर दो पुलिसकर्मियों को मार डाला है.
हमलों के बारे में परेश बरूआ ने कहा,"भारत अपनी सेना को नियंत्रित करने में नाकाम रहा जो हमारे लोगों को मार रहे हैं. इसलिए हम जवाब दे रहे हैं."
अल्फ़ा ने तीन और विद्रोही संगठनों के साथ मिलकर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के बहिष्कार की घोषणा की है और इस दिन आम हड़ताल का आह्वान किया है.