शनिवार, 21 जनवरी, 2006 को 10:47 GMT तक के समाचार
नेपाल की राजधानी काठमांडू में लोकतंत्र बहाली की माँग कर रहे विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ है.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आँसू गैस का प्रयोग किया और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
नेपाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने शहर के बीचो-बीच एक रैली बुलाई थी.
वैसे ये रैली शुक्रवार को ही बुलाई गई थी लेकिन सरकार ने रैली नहीं होने देने के लिए उस दिन वहाँ कर्फ़्यू लगा दिया था.
सैकड़ों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया है जबकि पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला समेत पाँच विपक्षी नेताओं को 90 दिन के लिए नज़रबंद कर दिया गया है.
इन नेताओं के घरों के बाहर शनिवार को सशस्त्र पुलिस को तैनात कर दिया गया.
संघर्ष
काठमांडू स्थित एक बीबीसी संवाददाता ने बताया कि काठमांडू में रैली के स्थान पर नारे लगाते कार्यकर्ताओं के वहाँ जुटते ही सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तितर-बितर करना शुरू कर दिया.
प्रदर्शकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके और उनसे उनकी झड़प भी हुई.
कई प्रदर्शनकारियों को पीटा भी गया और पकड़कर गाड़ियों में भरकर ले जाया गया.
नेपाल में पिछले कुछ दिनों में विपक्षी दलों के 300 से भी अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ़्तार किया गया है.
गिरफ़्तार विपक्षी नेताओं मे दो पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं.
काठमांडू में रात का कर्फ़्यू पहले से ही लगा हुआ है और शहर में रैलियों पर भी पाबंदी लगा दी गई है.
नेपाली अधिकारियों का कहना था कि उनके पास ये ख़बर थी कि माओवादी विद्रोही रैली के नाम पर काठमांडू में घुसपैठ कर हिंसा भड़काना चाहते थे.
निंदा
नेपाल में विपक्षी दल अपने समर्थकों से अगले महीने होनेवाली स्थानीय चुनावों का बहिष्कार करने के लिए कह रहे हैं.
उनका कहना है कि ये चुनाव अलोकतांत्रिक है और इसे सत्ता पर नेपाल नरेश की पकड़ बढ़ाने के लिए करवाया जा रहा है.
नेपाल नरेश ने पिछले वर्ष फ़रवरी में लोकतांत्रिक सरकार को बर्ख़ास्त कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने नेपाल में विपक्षी नेताओं की गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा की है.
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय में अधिकारी किम हॉवेल्स ने एक बयान में कहा,"मैं नेपाल नरेश से तत्काल हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और राजनीतिक दलों से वार्ता शुरू करने का आग्रह करता हूँ".