शनिवार, 21 जनवरी, 2006 को 10:40 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ ने कहा है कि उनका देश भारत और ईरान के साथ होने वाले गैस पाइपलाइन के समझौते में कोई जल्दबाज़ी नहीं करेगा.
उन्होंने न्यूयॉर्क में कहा कि संयुक्त राष्ट्र ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जाँच कर रहा है इसलिए पाकिस्तान स्थिति पर नज़र रखेगा.
एक तरफ़ संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जाँच में जुटी है, वहीं अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाना चाहते हैं.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि सात अरब डॉलर की इस परियोजना से उनके देश का विकास तेज़ी से हो सकेगा और भारत के साथ उसके संबंधों में भी सुधार होगा.
लेकिन साथ ही समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा, "मैं समझता हूँ कि स्थिति पर नज़र रखना ठीक होगा कि आगे क्या होता है, हम वही फ़ैसला करेंगे जो हमारे देश के हित में होगा."
पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन उनके देश की गैस की ज़रूरतों को पूरा करने के तीन विकल्पों में से एक है.
उन्होंने कहा कि क़तर और तुर्कमेनिस्तान से पाइपलाइन बिछाकर गैस लेने पर भी विचार किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि अगले महीने भारत, पाकिस्तान और ईरान के एक अधिकारियों की बैठक होगी जिसमें पाइपलाइन के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी.
भारत और पाकिस्तान ने पिछले महीने कहा था कि वे अमरीकी एतराज़ के बावजूद 2007 तक इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद रखते हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ अमरीका की यात्रा पर हैं और अगले सप्ताह उनकी मुलाक़ात अमरीकी राष्ट्रपति से होने वाली है.