बुधवार, 18 जनवरी, 2006 को 14:33 GMT तक के समाचार
कर्नाटक में जेडीएस के एक बड़े धड़े ने कांग्रेस से समर्थन वापस लेते हुए भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के सामने पेश किया है.
इसके साथ ही कांग्रेस के नेतृत्व वाली कांग्रेस गठबंधन सरकार गिर गई दिखती है.
जेडीएस के भीतर चल रही खींचतान और जेडीएस और कांग्रेस के बीच चल रहे मतभेद के चलते सरकार पिछले कुछ समय से ख़तरे में दिखाई दे रही थी.
जेडीएस के एक धड़े के नेता एचडी कुमारस्वामी जेडीएस के 46 विधायकों और 10 निर्दलीय विधायकों के साथ राज्यपाल से मिलने पहुँचे.
इसके बाद विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू और विधायक दल के नेता येदुरप्पा के साथ पार्टी के कई विधायक राज्यपाल से मिलने पहुँचे.
इन नेताओं ने राज्यपाल टीएन चतुर्वेदी से हुई मुलाक़ात के बाद कहा है कि राज्यपाल ने उनके दावे पर विचार करने का आश्वासन दिया है.
नेताओं ने बताया कि कर्नाटक में जेडीयू और भाजपा मिलीजुली सरकार बनाएँगे यानी दोनों पार्टियाँ सरकार में शामिल होंगी.
मंत्रिमंडल की बैठक
हालांकि मुख्यमंत्री धरमसिंह ने बुधवार की सुबह दावा किया था कि उनकी सरकार खतरे में नहीं है.
लेकिन शाम होने तक उन्हें भी मंत्रिमंडल की बैठक बुलानी पड़ी.
ख़बरें लिखे जाने तक मंत्रिमंडल की बैठक चल रही थी और माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री धरमसिंह राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफ़ा सौंप देंगे जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ़ हो जाए.
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक सरकार के गठबंधन में खींचतान की ख़बरें बहुत समय से आ रही हैं. और पिछले साल अगस्त में भी ऐसी चर्चा चली थी कि जेडीएस भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहा है.
जेडीएस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी अपने समर्थक मंत्रियों और विधायकों को लेकर किसी अज्ञात स्थान पर चले गए थे.
हालांकि देवेगौड़ा ने ऐसी ख़बरों का खंडन किया था लेकिन अब समझ में आता है कि उनके साथ सिर्फ़ पाँच विधायक बच गए हैं. जबकि आठ विधायक पहले से ही असंतुष्ट नेता सिद्धारमैया के साथ हैं.
खींचतान
गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया और कुमारस्वामी के बीच चल रही खींचतान के बाद सिद्धारमैया को उपमुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था.
इसके बाद पार्टी में अनौपचारिक विभाजन की स्थिति बन गई थी.
224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में सबसे बड़ा दल भाजपा है जिसके 79 सदस्य जीतकर आए थे.
जेडीएस के पास 59 विधायक थे जिसमें से, कहा जा रहा है कि 46 विधायक कुमारस्वामी के साथ हैं. शेष सिद्धारमैया के साथ हैं.
कांग्रेस के 64 विधायक हैं. जबकि 22 अन्य हैं.