मंगलवार, 17 जनवरी, 2006 को 07:50 GMT तक के समाचार
इतालवी व्यवसायी ओत्तावियो क्वात्रोकी के लंदन स्थित खातों को खोलने का मामला राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है. भाजपा ने इस मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन की घोषणा की है.
दूसरी ओर क्वात्रोकी ने कहा है कि वो भारतीय जाँच एजेंसी सीबीआई से सहयोग के लिए तैयार हैं.
एक टीवी चैनल से इटली के मिलान शहर से टेलीफ़ोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका भारत आने का कोई इरादा नहीं है.
क्वात्रोकी का कहना था,'' मेरे ख़िलाफ़ भारत में कोई मामला नहीं है. मैं गांधी परिवार के ख़िलाफ़ रचे गए राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार हुआ हूँ.''
उन्होंने इस बात का खंडन किया कि वो क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज के संपर्क में थे.
इसके पहले क्वात्रोकी के खातों से रोक हटाने के मामले में सीबीआई केंद्र सरकार के बचाव में सामने आ गई थी.
सीबीआई ने कहा कि क्वात्रोकी के बैंक खाते खोलने के मामले से सरकार का कोई संबंध नहीं है.
सीबीआई के अनुसार अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल बी दत्ता को लंदन भेजने का फ़ैसला सीबीआई का था न कि केंद्रीय क़ानून मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय का.
भाजपा का आरोप
उल्लेखनीय है कि भाजपा ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज और कार्मिक मामलों के मंत्री सुरेश पचौरी ने क्वात्रोकी को क्लीनचिट दी थी.
मगर सीबीआई ने साफ़ कहा है कि क्वात्रोकी के ख़िलाफ़ सीबीआई की ओर से जारी रेडकॉर्नर नोटिस अब भी जारी है.
इधर एक जनहित याचिका पर जारी निर्देश में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीआई से कहा है कि क्वात्रोकी के बैंक खाते फिर से सील रखने के लिए क़दम उठाएँ.
और यदि खाते खोल दिए गए हों तो सरकार और सीबीआई ये सुनिश्चित करें कि इस खाते से 23 जनवरी तक कोई पैसा न निकाला जाए.
क्वात्रोकी के दो खातों में 2003 से लगभग 26 करोड़ रुपए (10 लाख अमरीकी डॉलर और 30 लाख यूरो) सील किए हुए थे.