मंगलवार, 17 जनवरी, 2006 को 10:41 GMT तक के समाचार
अमृतसर से लाहौर के लिए बस चलाए जाने की सारी तैयारियाँ तो पूरी हो चुकी हैं लेकिन इसमें यात्रा करने के लिए टिकट ख़रीदने वाले नहीं मिल रहे हैं.
ऐसा नहीं है कि लोग यात्रा नहीं करना चाहते लेकिन इस बस से यात्रा करने के लिए सुरक्षा की जो शर्ते लगाई गईं हैं उसके चलते लोगों की रुचि ख़त्म हो गई है.
इसे लेकर पंजाब सरकार ने केंद्र को एक पत्र भी भेजा है.
20 जनवरी को अमृतसर से लाहौर के लिए पहली बस रवाना होनी है. इसके लिए अमृससर से लाहौर के लिए 11 दिसंबर को ट्रायल हुआ था और 13 दिसंबर को लाहौर से अमृतसर का ट्रायल हुआ था.
यह भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरा सड़क संपर्क होगा. इससे पहले दिल्ली-लाहौर और श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद के लिए बस सेवाएँ शुरु कर दी गई हैं.
केंद्रीय गृहसचिव वीके दुग्गल ने मंगलवार को वाघा सीमा पर केंद्र और पंजाब के सुरक्षा अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया.
उन्होंने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश तो है लेकिन वे इससे संतुष्ट हैं.
सुरक्षा की परेशानी
अमृतसर-लाहौर बस से यात्रा करने के लिए शर्त रखी गई है कि यात्रियों को पहले पंजाब पुलिस की जाँच से गुज़रना होगा फिर ख़ुफ़िया एजेंसियाँ उनकी तहकीकात करेंगी.
पंजाब से बीबीसी संवाददाता असित जॉली ने अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि इस जाँच में कम से कम पंद्रह दिन लगने हैं और लोगों को लग रहा है कि ये एक परेशान करने वाली प्रक्रिया है.
पंजाब के कई निवासियों ने कहा है कि सुरक्षा के ये इंतज़ाम परेशान करने वाले हैं.
इसे लेकर पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार को चिट्ठी भी लिखी है.
पंजाब सरकार का तर्क है कि दिल्ली से लाहौर जाने वाली बस से यात्रा करने के लिए जब इस तरह की शर्ते नहीं लगाई गई हैं तो फिर अमृतसर से जाने वाले यात्रियों के लिए इस तरह की शर्त क्यों लगाई गई है.
इसके अतिरिक्त पासपोर्ट और वीज़ा भी होना आवश्यक है.
अधिकारी मानते हैं कि इन्ही सब के चलते लोग टिकट ख़रीदने के लिए उत्सुक दिखाई नहीं दे रहे हैं.