शनिवार, 14 जनवरी, 2006 को 05:48 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान से मिली ख़बरों में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान से मिलने वाले सीमावर्ती क्षेत्र में एक गाँव पर हमला किया गया है जहाँ इस्लामी चरमपंथियों के छुपे होने की संभावना है और इनमें अल क़ायदा के उपनेता अयमन अल ज़वाहिरी भी हो सकते हैं.
पाकिस्तान सरकार इन ख़बरों की जाँच कर रही है कि क्या अफ़ग़ान सीमा के निकटवर्ती इलाक़े में कोई हमला हुआ है या नहीं.
अलबत्ता पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने हमले की पुष्टि करने से इनकार कर दिया और इस बारे में भी कुछ नहीं कहा कि हमले का निशाना क्या ज़वाहिरी थे.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने कहा कि कई धमाकों में कम से कम 14 लोग मारे गए हैं लेकिन प्रवक्ता ने इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी.
उन्होंने कहा कि हमला किसने किया, अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.
उधर अमरीकी टेलीविज़न नेटवर्क एबीसी ने पाकिस्तानी सेना के सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि कुल 18 लोग मारे गए हैं जिनमें से पाँच अल क़ायदा के वरिष्ट सदस्य थे.
पाकिस्तानी अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने कहा है कि विमानों ने गाँव पर मिसाइलों से हमला किया है.
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने उस इलाक़े में यह हमला करने से इनकार किया है लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने पहले कहा था कि अमरीकी विमानों ने वहाँ मिसाइल दागे थे.
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
हमला किसने किया?
पाकिस्तानी सूत्रों ने कहा है कि समझा जाता है कि इस हमले का निशाना अल क़ायदा के उपनेता माने जाने वाले अयमन अल ज़वाहिरी हो सकते हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि हमले के समय वह गाँव में मौजूद थे या नहीं.
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना ने शुक्रवार को कहा था कि उसके पास इस ताज़ा हमले वाले इलाक़े में अमरीकी अभियान की कोई ख़बर नहीं है.
लेकिन अमरीकी टेलीविज़न नेटवर्क एनबीसी ने पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से कहा है कि यह हमला संभवतः सीआईए के मानव रहित विमानों से किया गया जिसमें लगभग दस मिसाइल दागे गए.
हमला पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से क़रीब 200 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में दमादोला नामक गाँव पर किया गया. यह गाँव बजापुर क़बायली इलाक़े में है और अफ़ग़ानिस्तान के साथ मिलने वाली सीमा के निकट पाकिस्तानी क्षेत्र में लगभग सात किलोमीटर अंदर है.
दमादोला गाँव में पहुँचने वाले पत्रकारों ने कहा है कि तीन ऐसे मकान इस हमले में ध्वस्त हो गए जो एक दूसरे से सैकड़ों मीटर की दूरी पर थे.
एक 17 वर्षीय छात्र समीउल्ला ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "मेरा पूरा परिवार इस हमले में मारा गया और मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि मैं इसके लिए किसे दोषी क़रार दूँ. मैं सिर्फ़ अल्लाह से न्याय की उम्मीद रखता हूँ."
एक अन्य स्थानीय निवासी शाह ज़माँ ने कहा कि उसके दो बेटों और एक बेटी की जान इस हमले में चली गई, "मैं घर से बाहर दौड़ा और दो विमानों को देखा. मैं अपनी बीवी को लेकर पास की एक पहाड़ी की तरफ़ भागा. जब हम भाग रहे थे तो हमें तीन और धमाके सुनाई दिए. मैंने देखा कि मेरे घर पर हमला हो चुका है."
"मैं नहीं जानता कि यह हमला किसने और क्यों किया. हम पर बेवजह हमला किया गया है. हम क़ानून का पालन करने वाले लोग हैं."