रविवार, 15 जनवरी, 2006 को 02:20 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान से लगी सीमा के पास स्थित एक गाँव पर हुए हवाई हमले की निंदा की है और इस बारे में औपचारिक तौर पर अमरीका से विरोध भी दर्ज कराया गया है.
पाकिस्तान ने अपने यहाँ अमरीकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया.
बताया जा रहा था कि इस हमले का निशाना चरमपंथी संगठन अल क़ायदा के दूसरे नंबर के नेता अयमन अल ज़वाहिरी थे.
शुक्रवार को हुए इस हमले में कम-से-कम 18 लोगों के मारे जाने की ख़बर है लेकिन ज़वाहिरी के बारे में स्थिति अभी तक अस्पष्ट है.
अमरीकी मीडिया में ऐसे ख़बरें दी गईं कि इस हमले की अनुमति अमरीकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए ने दी जिसे ये जानकारी मिली की ज़वाहिरी उस गाँव में जाने वाले हैं.
लेकिन ना तो अमरीका और ना ही पाकिस्तान सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि हमला ज़वाहिरी को निशाना बनाने के लिए किया गया.
उधर पाकिस्तान के जिस गाँव पर हमला हुआ वहाँ हज़ारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.
उनका दावा है कि हमले में केवल स्थानीय लोग मारे गए. वे इस बात से भी इनकार कर रहे हैं कि वहाँ अल क़ायदा के सदस्यों को आमंत्रित किया गया था.
अनिश्चय
पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने एक संवाददाता सम्मेलन में हमले की निंदा की और बताया कि अमरीकी राजदूत से इस बारे में स्पष्टीकरण माँगा जाएगा.
पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि हमले के समय अयमन अल ज़वाहिरी भी उसी इलाक़े में थे या नहीं.
शेख़ रशीद ने कहा, "हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इस हमले में अल क़ायदा का कोई बड़ा नेता मारा गया या नहीं मारा गया."
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि काफ़ी समय से ये माना जा रहा था कि ज़वाहिरी इस सीमावर्ती इलाक़े में छिपे हुए थे जहाँ हमला किया गया.
हमला
शुक्रवार को जिस गाँव पर हमला किया गया उसका नाम दामादोला है और ये अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित है.
बजापुर क़बायली इलाक़े में स्थित ये गाँव पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से क़रीब 200 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में पड़ता है.
स्थानीय लोगों ने पहले ये दावा किया था कि शुक्रवार को तड़के अफ़ग़ानिस्तान से मिसाइल दागे गए, लेकिन अधिकारियों ने इससे इनकार किया है.
ऐसा बताया जा रहा है कि हमले के लिए जेट विमानों का इस्तेमाल किया गया. कुछ लोग ये भी बता रहे हैं कि हमला मानवरहित विमान से किया गया.
स्थानीय निवासियों ने दावा किया है कि हमले में मारे गए 18 लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं.
वे ये मान रहे हैं हमला अमरीका ने ही किया. लेकिन अमरीकी सेना ने इस इलाक़े में कोई भी सैन्य अभियान चलाने के बारे में साफ़ इनकार किया है.
प्रदर्शन
दामादोला गाँव के नाराज़ क़बायली लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है. उस गाँव में पहुँचने वाले पत्रकारों ने कहा है कि तीन ऐसे मकान इस हमले में ध्वस्त हो गए जो एक दूसरे से कई मीटर की दूरी पर थे.
एक 17 वर्षीय छात्र समीउल्ला ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "मेरा पूरा परिवार इस हमले में मारा गया और मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि मैं इसके लिए किसे दोषी क़रार दूँ. मैं सिर्फ़ अल्लाह से न्याय की उम्मीद रखता हूँ."
एक अन्य स्थानीय निवासी शाह ज़माँ ने कहा कि उसके दो बेटों और एक बेटी की जान इस हमले में चली गई.
शाह ज़माँ ने कहा, "मैं घर से बाहर दौड़ा और दो विमानों को देखा. मैं अपनी बीवी को लेकर पास की एक पहाड़ी की तरफ़ भागा. जब हम भाग रहे थे तो हमें तीन और धमाके सुनाई दिए. मैंने देखा कि मेरे घर पर हमला हो चुका है."