अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान नेता मुल्ला उमर ने राष्ट्रपति हामिद करज़ई के बातचीत के न्योते को ठुकरा दिया है. ऐसा ख़ुद को तालेबान के प्रवक्ता कहने वाले एक व्यक्ति ने कहा है.
मुल्ला उमर ने धमकी भी दी है कि विद्रोहियों के हमले और तेज़ होंगे.
मंगलवार को ईद उज़-ज़ुहा से पहले जारी एक बयान में उन्होंने मुसलमानों से आह्वान किया कि वे अफ़ग़ानिस्तान से विदेशियों को बाहर निकाल दें.
राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने तालेबान नेता मुल्ला उमर को न्योता देते समय स्पष्ट किया था कि यदि मुल्ला उमर लोगों के सामने आते हैं तो उन्हें माफ़ी नहीं दी जाएगी और उन्हें अपने कथित करनामों के लिए जवाब देना होगा.
अमरीका पर ग्यारह सितंबर के हमले के बाद जब अमरीका के नेतृत्व वाली सेना ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया था तब मुल्ला उमर को वर्ष 2001 में ही आख़िरी बार देखा गया था.
इससे पहले पिछले साल मई में एक तालेबान प्रवक्ता ने कहा था कि मुल्ला उमर आम माफ़ी की किसी भी पेशकश को ठुकरा देंगे.
महत्वपूर्ण है कि पिछले साल अफ़ग़ानिस्तान में पुन: मैत्री की प्रक्रिया की शुरुआत के बाद सैकड़ों तालेबान लड़ाके और समर्थक आगे आए हैं.
इनमें कई वरिष्ठ तालेबान कमांडर और राजनीतिक नेता भी हैं लेकिन उन्हें अपने रूढ़िवादी धार्मिक संघर्ष को त्यगना पड़ा है.
इसके बदले में उन पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा और उन्हें राजनीतिक जीवन में भाग लेने दिया जाएगा.