शनिवार, 07 जनवरी, 2006 को 04:17 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के कुछ इलाक़ों में राहत कार्य में लगे हेलिकॉप्टरों की उड़ान पर फ़िलहाल रोक लगा दी है. ये रोक अस्थायी है.
ऐसा शुक्रवार को लीपा घाटी में हुई घटनाओं के बाद किया गया है जब बड़ी संख्या में भूकंप प्रभावित लोग संयुक्त राष्ट्र के हेलिकॉप्टर पर चढ़ गए और चालक दल के सदस्यों को मजबूर किया कि वे उन्हें पास के शहरों में ले जाएँ.
इस तरह की दो घटनाएँ हुई. हेलिकॉप्टर से मुज़फ़्फ़राबाद और एबोटाबाद पहुँचने के बाद ये लोग भाग गए. किसी भी व्यक्ति को अभी तक नहीं पकड़ा जा सका है.
संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना पर खेद व्यक्त किया है. मानवीय कार्यों में लगे संयुक्त राष्ट्र के उप संयोजक लैरी हॉलिंगवर्थ ने बीबीसी को बताया कि लीपा घाटी में हेलिकॉप्टरों की उड़ान पर अस्थायी रोक लगाई गई है ताकि चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
दुर्भाग्यपूर्ण घटना
उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कुछ लोगों की वजह से बहुत लोगों को भोजन नहीं मिल पा रहा है.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि भूकंप के बाद ऐसी घटना पहली बार हुई है. संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि पहली घटना बनामूला में हुई जब क़रीब 20 लोग संयुक्त राष्ट्र के हेलिकॉप्टर में जबरन घुस आए.
उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने चालक दल के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार भी किया. कोई चारा न देख चालक दल के सदस्य इन लोगों को लेकर मुज़फ़्फ़राबाद पहुँचे.
दूसरी घटना में क़रीब 50 लोग ज़बरदस्ती हेलिकॉप्टर में घुस आए. ये लोग एबोटाबाद में आकर उतरे.
आठ अक्तूबर को आए भूकंप में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर और अन्य इलाक़ों में 73 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे. उस समय से ही संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य संगठन राहत कार्य में लगे हैं.
इस सप्ताह भूकंप प्रभावित कई इलाक़ों में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण ज़मीन धँसने की कई घटनाएँ हुई हैं. जिसके कारण हज़ारों लोग पहाड़ी इलाक़ों में फँसे हुए हैं.