http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 05 जनवरी, 2006 को 08:47 GMT तक के समाचार

रामदेव के समर्थकों ने किया हंगामा

दवाइयों में मिलावट के आरोपों के बाद गुरुवार को बाबा रामदेव के समर्थकों ने दिल्ली में सीपीएम के दफ़्तर के सामने हंगामा किया और वृंदा कारत का पुतला जलाया.

पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो धक्कामुक्की भी हुई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिससे कई लोग घायल हो गए.

उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि सीपीएम नेता वृंदा कारत ने जो दवाइयाँ सैंपल के रुप में उपलब्ध करवाईं थीं उनमें जानवरों और मनुष्यों के अवशेष पाए गए हैं.

हालांकि केंद्र सरकार ने इस बात की जाँच करने के आदेश दिए हैं कि बाबा रामदेव की फ़ार्मेसी में बन रही दवाओं में कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही.

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को सीपीएम नेता वृंदा कारत ने एक पत्रकारवार्ता में आरोप लगाए थे कि बाबा रामदेव की फ़ार्मेसी में बनी दवाओं में हड्डियों का चूरा मिलाया जाता है.

लेकिन बाबा रामदेव ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा था कि वे अपनी दवाओं की जाँच देश की किसी भी प्रयोगशाला में करवाने के लिए तैयार हैं.

हंगामा

अपनी योग कक्षाओं और विभिन्न रोगों की देसी दवाओं के लिए प्रसिद्ध बाबा रामदेव के समर्थकों ने बुधवार से ही विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया था.

वाराणसी, भोपाल सहित कई शहरों में रामदेव समर्थकों ने वृंदा कारत के पुतले जलाए थे.

गुरुवार को दिल्ली में रामदेव के समर्थक सुबह सीपीएम के दफ़्तर पहुँच गए थे और उन्होंने नारे लगाने शुरु कर दिए थे.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इसके बाद समर्थकों ने वृंदा कारत का पुतला जलाया और सीपीएम दफ़्तर में घुसने की कोशिश की.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समर्थकों को रोकने की कोशिश में धक्कामुक्की हुई. लेकिन समर्थकों का कहना है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया.

इसके बाद सीपीएम दफ़्तर के सामने सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

केंद्र की पुष्टि

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदॉस ने बुधवार को कहा था कि वृंदा कारत ने दवाओं के जो नमूने उपलब्ध करवाए थे उनमें मनुष्य और जानवरों के अवशेष पाए गए हैं.

उन्होंने बताया कि दवाओं की जाँच हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता के प्रयोगशालाओं में करवाई गई थी.

उन्होंने कहा था कि दवाओं के सैंपल को उत्तरांचल सरकार को भिजवाया गया है जिससे कि इसकी नए सिरे से जाँच हो सके.

इस बीच उत्तरांचल सरकार ने भी कहा है कि बाबा रामदेव के आश्रम में बनी दवाओं की जाँच करवाई जाएगी कि उसमें किसी नियम क़ायदे का उल्लंघन तो नहीं हुआ है.

उत्तरांचल के मुख्य सचिव एम रामचंद्रन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के उस पत्र का ज़िक्र किया था जिसमें कहा गया था कि बाबा रामदेव की फ़ार्मेसी में बन रही दवाओं में लेबलिंग और लाइसेंसिंग का उल्लंघन हो रहा है.