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बुधवार, 04 जनवरी, 2006 को 16:00 GMT तक के समाचार

जामा मस्जिद पर सऊदी शाह का प्रस्ताव

सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला ने दिल्ली स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद की मरम्मत कराने में आने वाले ख़र्च का भुगतान करने की पेशकश की है. जामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है.

भारतीय विदेश मंत्रायल के एक प्रवक्ता ने शाह अब्दुल्ला की पेशकश की पुष्टि की. पहले यह प्रस्ताव सीधे जामा मस्जिद के शाही इमाम के सामने रखा गया था.

जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुख़ारी का कहना है कि 17वीं शताब्दी की इस मस्जिद की तुरंत मरम्मत किए जाने की ज़रूरत है.

मीडिया रिपोर्टों में ये भी कहा गया है कि सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला भारत में शिक्षा के लिए भी सहायता करना चाहते हैं.

जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुख़ारी ने बीबीसी को बताया, "पहले सऊदी अधिकारियों ने सीधे मेरे पास प्रस्ताव भेजा था. लेकिन मैंने उन्हें सरकार से संपर्क करने को कहा."

ज़िम्मेदारी

दिल्ली की जामा मस्जिद को देश की ऐतिहासिक धरोहरों में रखा गया है और इसके रख-रखाव की ज़िम्मेदारी भारतीय पुरात्तात्विक सर्वेक्षण विभाग की है जो सरकारी विभाग है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने सऊदी अधिकारियों के प्रस्ताव की पुष्टि की और कहा, "हमें यह प्रस्ताव मिला है. अब संबंधित अधिकारियों के साथ इस प्रस्ताव के बारे में सलाह-मशविरा किया जाएगा."

शाही इमाम बुख़ारी का कहना है कि 17वीं शताब्दी की इस मस्जिद के मीनारों की मरम्मत करने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा मस्जिद की रंगाई-पोताई और अन्य हिस्सों की मरम्मत भी की जानी है. शाही इमाम ने कहा कि इसके लिए लाखों रुपयों की ज़रूरत होगी.

जामा मस्जिद का निर्माण मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने 1656 में किया था. शाहजहाँ ने ही आगरा स्थित ताजमहल का भी निर्माण किया था.

लाल पत्थरों से निर्मित जामा मस्जिद में एक साथ 20 हज़ार से ज़्यादा लोग नमाज़ अदा कर सकते हैं. सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला इसी महीने भारत की यात्रा पर आने वाले हैं और वे देश के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि रहेंगे.