मंगलवार, 03 जनवरी, 2006 को 16:03 GMT तक के समाचार
मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि माफ़िया सरगना अबू सालेम ने प्रदीप जैन हत्या मामले में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.
हालाँकि अबू सालेम के वकील पुलिस के इस दावे को ग़लत बता रहे हैं और उनका कहना है कि ये बयान ज़बरदस्ती लिया गया है जिसका अदालत में कोई महत्व नहीं है.
अबू सालेम को अब 31 जनवरी को अदालत में पेश किया जाएगा.
मुंबई पुलिस ने इससे पहले भी, पिछले साल नवंबर में सालेम के अपराध स्वीकार करने का दावा किया था.
तब पुलिस ने कहा था कि सालेम ने 1993 के मुंबई दंगों में अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर ली है.
अबू सालेम के ख़िलाफ़ टी-सिरीज़ कैसेट कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की हत्या के अतिरिक्त 34 और मामले दर्ज हैं.
लेकिन सालेम के ख़िलाफ़ सबसे गंभीर आरोप मुंबई दंगों में लिप्त होने का है जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए थे.
'अपराध स्वीकार किया'
मुंबई पुलिस ने मंगलवार को दावा किया कि अबू सालेम ने ये मान लिया है कि 10 साल पहले बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या माफ़िया सरगना दाउद इब्राहीम के भाई अनीस इब्राहीम के कहने पर की थी.
पुलिस का कहना है कि सालेम ने इक़बालिया बयान पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
सरकारी वकील उज्ज्वल निगम के अनुसार अबू सालेम ने कहा कि उन्हें अपने किए पर अफ़सोस है और उन्होंने पूरी जानकारी दी कि प्रदीप जैन को कैसे मारा गया जिसके बाद पुलिस ने भी छानबीन की.
उज्ज्वल निगम ने बताया,"अबू सालेम जैसे कुख्यात अपराधी से कोई जबरन तो कुछ मनवा नहीं सकता है..और संविधान के अनुसार अगर कोई अभियुक्त किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के सामने कोई बात स्वीकार करता है तो अदालत में उसकी मान्यता होगी".
वहीं अबू सालेम के वकील का कहना है,"उन्होंने हमारे निर्देश के हिसाब से ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि वे प्रदीप जैन की हत्या के लिए ज़िम्मेदार हैं..और बयान मिलने पर हम ये देखेंगे कि उन्होंने किस हद तक बात मानी है, अगर उन्होंने माना कि उन्होंने फ़ोन पर बात की तो इससे ये साबित नहीं होता कि वे ही कुसूरवार थे".
उल्लेखनीय है कि अबू सालेम और उसकी महिला मित्र मोनिका बेदी को पिछले वर्ष नवंबर में पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पित किया गया था.