http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 03 जनवरी, 2006 को 12:47 GMT तक के समाचार

बंगलौर पुलिस ने 'चरमपंथी' पकड़ा

भारत के दक्षिणी राज्य कर्नाटक की राजधानी बंगलौर में पुलिस ने दावा किया है कि 28 दिसंबर को शहर में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हुई गोलीबारी के सिलसिले एक बड़ी कामयाबी हासिल की है.

ग़ौरतलब है कि उस गोलीबारी में दिल्ली के भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान के एक प्रोफ़ेसर एमसी पुरी की मौत हो गई है जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे.

इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि चरमपंथी भारत के विज्ञान और प्रोद्योगिकी विकास के प्रतीकों को निशाना बना रहे हैं क्योंकि वे सूचना प्रोद्योगिकी में भारत के एक ताक़त बनकर उभरते हुए नहीं देखना चाहते.

आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा की उस हमले में मारे गए प्रोफ़ेसर पुरी "ज्ञान के एक सिपाही" थे.

बंगलौर पुलिस ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा के एक चरमपंथी को गिरफ़्तार किया है और उसका नाम 35 वर्षीय अब्दुल रहमान बताया है.

अब्दुल रहमान को पुलिस ने मंगलवार को बंगलौर की अदालत में पेश किया जिसके बाद उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

हालाँकि गोलीबारी में अब्दुल रहमान की क्या भूमिका थी, इस बारे में बंगलौर के पुलिस आयुक्त अजय कुमार सिंह ने कोई ठोस जानकारी नहीं दी.

अजय कुमार सिंह ने बंगलौर में पत्रकारों को बताया कि अब्दुल रहमान वह अज्ञात बंदूकधारी नहीं है जिसने सम्मेलन में एके-56 रायफल से अंधाधुंध गोलियाँ चलाई थीं.

पुलिस ने चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर उस संदिग्ध हमलावर का स्कैच जारी किया है.

जाँच पर असर

पुलिस ने अब्दुल रहमान की तस्वीर जारी करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि इससे जाँच पर असर पड़ सकता है.

पुलिस आयुक्त ने बताया कि अब्दुल रहमान को एक जनवरी को बंगलौर से क़रीब 700 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के नलगोंडा में उसके घर से गिरफ़्तार किया था.

अजय कुमार सिंह ने कहा, "इस गिरफ़्तारी से मामले की जाँच में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी. अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि क्या वह मुख्य षडयंत्रकारी है या हमलावर का सिर्फ़ एक सहयोगी."

"हमारे पास सूचना है कि अब्दुल रहमान दक्षिणी भारत में लश्करे तैबा के अभियानों का मुखिया है. उसकी गिरफ़्तारी से भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने में मदद मिल सकती है."

पुलिस आयुक्त ने कहा कि अब्दुल रहमान ख़ुद को एक व्यवसायी बताता था और पिछले पाँच साल के दौरान उसने कई बार सऊदी अरब की यात्रा की है.

उन्होंने कहा कि इस बारे में अनेक लोगों से पूछताछ की जा रही है लेकिन अभी और कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

पुलिस सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि जाँच के सिलसिले में अनेक लोगं को हिरासत में लिया गया है जिनमें कुछ छात्र भी हैं.