गुरुवार, 29 दिसंबर, 2005 को 15:31 GMT तक के समाचार
विनोद वर्मा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई से
मुंबई में चल रहे भारतीय जनता पार्टी के रजत जयंती अधिवेशन में पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह ने गुरुवार को उन सभी मुद्दों को उठाया जिसे पार्टी ने गठबंधन की राजनीति के चलते हाशिए पर रख दिया है.
इसमें हिंदुत्व, राम मंदिर और धारा 370 का मुद्दा शामिल था. इसके अलावा राजनीति के अपराधीकरण और जातिवाद का अहम मुद्दा भी था.
पार्टी के उपाध्यक्ष कल्याण सिंह ने पार्टी पर आरोप लगाया कि दूसरे दलों की तरह भाजपा भी अपराधी तत्वों को टिकट देने से इंकार नहीं कर रही है.
हालांकि पार्टी ने कल्याण सिंह द्वारा उठाए मुद्दों को राजनीतिक प्रस्ताव में शामिल नहीं किया. लेकिन कल्याण सिंह ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा है कि उनका संदेश देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं तक पहुँच गया है.
राम मंदिर
पार्टी की रजत जयंती पर पेश किए गए राजनीतिक प्रस्ताव पर बोलते हुए कल्याण सिंह ने कहा, “ये चर्चा कई बार होती है कि भाजपा अपने मूल मुद्दों से हट गई है और अब वो हिंदुत्व, राममंदिर और धारा 370 ख़त्म करने की बात नहीं करती.”
उनका कहना था कि पार्टी के नेता कहते रहे हैं कि भाजपा ने अपने मुद्दों को भुलाया नहीं है और गठबंधन की राजनीति की मजबूरी में इस पर ज़ोर नहीं दिया जाता.
लेकिन इससे असहमति जताते हुए कल्याण सिंह ने कहा, “हिंदुत्व की बात पर प्रखर धार रखने की आवश्यकता है, हिंदुत्व की बात कहते-कहते शरमाने और लजाने की आवश्यकता नहीं है.”
उन्होंने हिंदुत्व को जीवन दर्शन का नाम बताया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है.
राम जन्मभूमि पर मंदिर बनाने की बात पर उन्होंने कहा कि मंदिर राजनीति की बात नहीं है और ये तो राष्ट्र की गरिमा और सम्मान की बात है.
इसी तरह उन्होंने जातिवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जातिवाद का निराकरण करने का उपाय है सामाजिक न्याय.
कल्याण सिंह ने कहा, “इसलिए दबे, कुचले, पिछड़े, उजड़े, दलित, शोषित और सदियों से मानवीय व्यवहार से वंचित लोगों को भी राजनीति में, सत्ता में और संगठन में सम्मानजनक और व्यवहारिक जगह देनी होगी.”
उन्होंने कहा, “राम के मंदिर पर लजाने-शर्माने की ज़रुरत नहीं है, गौरव से कहना होगा कि राम का मंदिर बनेगा.”
राजनीति का अपराधीकरण
कल्याण सिंह ने कहा कि अलग पहचान का आजकल बड़ा शोर है और शुचिता भाजपा की पहचान रही है और कांग्रेस भ्रष्टाचार की पर्याय रही है.
उनका कहना था कि शुचिता का फ़ैसला चार बड़े नेताओं से नहीं होगा, सब कार्यकर्ताओं को शुचिता का ध्यान रखना होगा.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “यदि राजनीति का अपराधीकरण और अपराधियों का राजनीतिकरण ख़त्म नहीं हुआ तो लोकतंत्र ख़तरे में पड़ जाएगा.”
भाजपा उपाध्यक्ष का कहना था कि जिनको जेल में होना चाहिए था वे आज विधानसभा और लोकसभा में बैठे हैं.
कल्याण सिंह ने कहा कि एक भी पार्टी नहीं कह सकती कि वह अपराधियों को संरक्षण नहीं दे रही है.
आत्मविश्लेषण का सुझाव देते हुए कल्याण सिंह ने कहा, “न्याय यात्रा में तो लोगों से संकल्प लेने को कहा जा रहा है कि वे अपने दोनों हाथ उठाकर कहें कि वे अपराधियों को वोट नहीं देंगे. लेकिन लोगों में से कोई कह दे कि मंच पर बैठे भाजपा के नेता भी तो कहें कि वे किसी अपराधी को टिकट नहीं देंगे, तब?”
उन्होंने कहा कि भाजपा को संकल्प लेना होगा कि हम किसी अपराधी को, किसी अपराधी प्रवृति के आदमी को टिकट नहीं देंगे और इसका देश भर में एक बड़ा संदेश चला जाएगा.
संदेश
हालांकि कल्याण सिंह के इन सुझावों को पार्टी ने अपने प्रस्ताव में शामिल नहीं किया.
लेकिन बीबीसी से हुई बातचीत में कल्याण सिंह ने कहा कि उन्हें जो संदेश देना था वो वे दे चुके और देश भर के कार्यकर्ता इसे देश भर में पहुँचा देंगे.
जातिवाद के मुद्दे पर उनका कहना था कि इसका निराकरण ज़रुरी है.
भाजपा नेता ने यह मानने से इंकार कर दिया कि उनके उठाए हुए मुद्दों की पार्टी ने अनदेखी कर दी है.