गुरुवार, 29 दिसंबर, 2005 को 23:41 GMT तक के समाचार
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के अध्यक्ष रामसिंहासन सिंह, उप सचिव, एक सदस्य और छह अन्य कर्मचारियों को बिहार प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में कथित धांधली के आरोप में गिरफ़्तार कर 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
सारा मामला वर्ष 2003 में बिहार प्रशासनिक सेवा की परीक्षा से जुड़ा हुआ है.
इस वर्ष बीपीएससी ने सीमित प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की थी जिसके तहत ग़ैर राजपत्रित अधिकारियों की पदोन्नति राजपत्रित अधिकारियों की श्रेणी में होती है.
आयोग के अध्यक्ष पर वर्ष 2003 की इन परीक्षाओं में अनियमितताओं का कथित आरोप लगाया गया है.
निगरानी
जिसके बाद नीतीश कुमार सरकार ने निगरानी विभाग ने इस मामले की जाँच करने का आदेश दिया था. पटना उच्च न्यायालय की ओर से भी इस मामले की निगरानी की जा रही है.
पटना हाईकोर्ट के आदेश पर आठ दिसंबर को कई जगह छापामारी भी हुई और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ बरामद किए गए थे.
निगरानी विभाग का दावा है कि छापे के दौरान मिले दस्तावेज़ पर्याप्त थे कि परीक्षा के दौरान अनियमितता बरती गई थी.
इन नौ लोगों की गिरफ़्तारी बीपीएससी के कार्यालय से हुई. इन लोगों को बाद में विशेष निगरानी जज के सामने पेश किया गया जिन्होंने सभी लोगों को 10 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
इस परीक्षा में अनियमितता बरतने का आरोप दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं ने नतीजे रद्द करके नए सिरे से परीक्षा कराने की मांग की है.