गुरुवार, 29 दिसंबर, 2005 को 06:12 GMT तक के समाचार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री धरम सिंह ने भारत के दक्षिणी शहर बंगलौर में बुधवार को हुई गोलीबारी की घटना के बारे में बीबीसी से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है.
बंगलौर के प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में एक अंतरराष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन के दौरान हुई गोलीबारी में एक प्रोफ़ेसर की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे. घटना के बाद हमलावर को पकड़ने के लिए पुलिस व्यापक तलाशी अभियान चला रही है.
धरम सिंह ने बताया, "हम इस दिशा में काफ़ी ऐहतियात बरत रहे हैं. अभी-अभी राज्य सरकार की इस बारे में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई है जिसमें मैंने इस घटना की पुनरावृत्ति न होने की हिदायत दे दी है. सबकुछ ठीक-ठाक करने का प्रयास हो रहा है."
यह पूछे जाने पर कि दिल्ली पुलिस की इस बाबत पहले से ही दी गई चेतावनी के बावजूद ऐसा क्यों हुआ, उन्होंने कहा, "बंगलौर अपना एक मुक़ाम रखता है और ऐसे में जबकि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमले हो रहे हैं, बंगलौर भी आतंकवादियों के निशाने पर था."
उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस ने इस बारे में बताया था. यह भी ख़बर थी कि बांग्लादेश से कुछ लोग दिवाली के समय ऐसे कुछ लोग बंगलौर आ सकते हैं पर इस आयोजन में सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संस्थान की थी. हमलावरों का मंसूबा किसी को मारना नहीं, भय पैदा करना था. हम उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं."
इस बीच खोजबीन के दौरान पुलिसकर्मियों ने संस्थान के परिसर में ही एक एके-56 राइफ़ल भी बरामद कर ली है.
घायलों का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों ने उनकी स्थिति ख़तरे से बाहर बताई है. मारे गए प्रोफ़ेसर एमसी पुरी दिल्ली आईआईटी से अवकाश प्राप्त कर चुके थे और विज्ञान सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने बंगलौर की घटना पर शोक व्यक्त किया है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री धरम सिंह ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है.
बंगलौर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और साथ-साथ दक्षिण भारत के कई शहरों को चौकस कर दिया गया है.
घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक़ बंगलौर के भारतीय विज्ञान संस्थान के जेएन टाटा ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा था और क़रीब सात-साढ़े सात बजे लोग जब ऑडिटोरियम से निकल रहे थे, उसी समय गोलीबारी की आवाज़ सुनाई दी.
हमला करने वाला व्यक्ति गोलीबारी करता हुआ वहाँ से भागने में सफल रहा. गोलीबारी में पाँच लोग घायल हुए जिनमें से एक प्रोफ़ेसर एमसी पुरी की मौत हो गई.
पुलिस का कहना है शुरुआती जाँच के क्रम में जितने लोगों से पूछताछ हुई है, उससे यही लगता है कि हमले में सिर्फ़ एक ही व्यक्ति शामिल था.
कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह सियाल ने 'आतंकवाद हमले' की संभावना से इनकार नहीं किया है.
बीबीसी से बातचीत में सियाल ने कहा, "अभी पूरी तरह यह कहना मुश्किल है. लेकिन जिस तरह हमला किया गया है और हमले में जिस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया है. उससे यही अंदाज़ा लगता है कि हो सकता है यह किसी आतंकवादी का काम हो."
हालाँकि पुलिस महानिदेशक ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि 'आतंकवादी' अकेले कोई हमला नहीं करते, वे टीम में काम करते हैं और अभी तक बंगलौर में हुई गोलीबारी में इसका पता नहीं लग पाया है.
उन्होंने कहा कि पूरे शहर में गश्त तेज़ कर दी गई है और जगह-जगह नाकेबंदी कर दी गई है. उन्होंने इससे इनकार किया कि बंगलौर में इस तरह की घटना की कोई ख़ुफ़िया जानकारी दी.