बुधवार, 28 दिसंबर, 2005 को 04:00 GMT तक के समाचार
श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन के प्रमुख हैगरप हॉकलैंड ने कहा है कि 2002 में शांति मिशन शुरू होने के बाद से इस साल दिसंबर का महीना राजनीतिक हिंसा के लिहाज से सबसे ख़राब रहा है.
हॉकलैंड ने बीबीसी को बताया कि देश के उत्तरी इलाक़े में स्थिति काफ़ी ख़तरनाक हो गई है. उन्होंने सरकार और तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई से अपील की कि वे दोबारा शांति वार्ता शुरू करें.
उन्होंने इन दोनों से अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन को सहयोग करने की भी अपील की. मंगलवार को ही उत्तरी जाफ़ना में बारूदी सुरंग के विस्फोट में 11 सैनिक मारे गए.
सरकार ने इस हमले के लिए एलटीटीई को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस महीने हिंसा की घटनाओं में एकाएक तेज़ी आ गई है. सिर्फ़ दिसंबर में अभी तक 40 सैनिक मारे जा चुके हैं.
मंगलवार की घटना जाफ़ना के पूर्वोत्तर में स्थित पुलोली में हुई. श्रीलंका के सैनिक अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट में तीन सैनिक घायल भी हुए हैं.
रविवार को ही बट्टिकलोवा में एक तमिल सांसद जोसेफ़ परराजसिंघम की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. माना जाता था कि परराजसिंघम के एलटीटीई के साथ क़रीबी संबंध थे.
हिंसा की बढ़ती घटनाओं के कारण पिछले शनिवार को अमरीका, यूरोपीय संघ, नॉर्व और जापान के प्रतिनिधियों की एलटीटीई से बातचीत हुई थी. लेकिन इस बातचीत में कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया था.
कोलंबो से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि डर यही है कि कहीं श्रीलंका में दोबारा एलटीटीई और सरकार के बीच संघर्ष न शुरू हो जाए.
पिछले महीने ही एलटीटीई प्रमुख प्रभाकरण ने एक बयान जारी करने सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि वह जल्द ही विवाद का राजनीतिक हल लेकर आए. राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने भी सरकार की ओर से एलटीटीई को बातचीत की पेशकश की और कहा कि बातचीत एशिया में कहीं भी हो जाए.
जापान ने बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश भी की. लेकिन एलटीटीई का कहना है कि बातचीत यूरोप में हो.