गुरुवार, 29 दिसंबर, 2005 को 02:37 GMT तक के समाचार
भारत के दक्षिणी शहर बंगलौर में भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में एक सम्मेलन के दौरान हुई गोलीबारी में एक प्रोफ़ेसर की मौत के बाद बंगलौर सहित दक्षिण भारत के कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है. बुधवार को हुई इस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हैं.
घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति ख़तरे के बाहर बताई गई है. मारे गए प्रोफ़ेसर एमसी पुरी आईआईटी दिल्ली से अवकाश प्राप्त कर चुके थे और सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे.
पुलिस के मुताबिक़ बंगलौर के भारतीय विज्ञान संस्थान के जेएन टाटा ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा था और क़रीब सात-साढ़े सात बजे लोग जब ऑडिटोरियम से निकल रहे थे, उसी समय गोलीबारी की आवाज़ सुनाई दी.
हमला करने वाला व्यक्ति गोलीबारी करता हुआ वहाँ से भागने में सफल रहा. गोलीबारी में पाँच लोग घायल हुए जिनमें से एक प्रोफ़ेसर एमसी पुरी की मौत हो गई.
'इनकार नहीं'
पुलिस का कहना है शुरुआती जाँच के क्रम में जितने लोगों से पूछताछ हुई है, उससे यही लगता है कि हमले में सिर्फ़ एक ही व्यक्ति शामिल था.
कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह सियाल ने 'आतंकवाद हमले' की संभावना से इनकार नहीं किया है.
बीबीसी से बातचीत में सियाल ने कहा, "अभी पूरी तरह यह कहना मुश्किल है. लेकिन जिस तरह हमला किया गया है और हमले में जिस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया है. उससे यही अंदाज़ा लगता है कि हो सकता है यह किसी आतंकवादी का काम हो."
हालाँकि पुलिस महानिदेशक ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि 'आतंकवादी' अकेले कोई हमला नहीं करते, वे टीम में काम करते हैं और अभी तक बंगलौर में हुई गोलीबारी में इसका पता नहीं लग पाया है.
उन्होंने कहा कि पूरे शहर में गश्त तेज़ कर दी गई है और जगह-जगह नाकेबंदी कर दी गई है. उन्होंने इससे इनकार किया कि बंगलौर में इस तरह की घटना की कोई ख़ुफ़िया जानकारी दी.
बंगलौर की घटना के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री धरम सिंह ने गुरुवार को एक आपात बैठक बुलाई है.