मंगलवार, 27 दिसंबर, 2005 को 10:05 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे मंगलवार को भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुँच गए हैं. नवंबर में चुनाव जीतने के बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा है.
माना जा रहा है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति भारत से शांति प्रक्रिया में और अहम भूमिका निभाने का अनुरोध कर सकते हैं.
श्रीलंका में हाल में हुई हिंसा में वृद्धि को लेकर दानदाता देश चिंतित हैं और उनका कहना है कि इससे तीन साल पुराना युद्धविराम खतरे में पड़ गया है.
रविवार को एक तमिल सांसद की बट्टीकलोआ में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी और मंगलवार को भी जाफ़ना में एक बारूदी सुरंग की चपेट में आने से आठ सैनिकों की मौत हो गई.
राजपक्षे ने कहा है कि वो चाहते हैं कि भारत शांति प्रक्रिया में और भागीदार बने शांति प्रक्रिया को समर्थन देनेवाले देशों का हिस्सा बन जाए.
'अहम यात्रा'
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ''वह (भारत) हमारा सबसे नज़दीकी पड़ोसी है और मेरे लिए महत्वपूर्ण है कि वह शांति प्रक्रिया में शामिल हो.''
श्रीलंका के राष्ट्रपति आधिकारिक रूप से अपनी यात्रा की शुरुआत बुधवार को करेंगे और वह भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात करेंगे.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा, ''अपनी पहली विदेश यात्रा में भारत का चुनाव दिखाता है कि वो इसे कितनी अहमियत देते हैं.''
संवाददाताओं का कहना है कि लगातार हिंसा ने युद्धविराम को आप्रसंगिक बना दिया है. हिंसा के लिए तमिल विद्रोही और सरकार एक दूसरे को दोषी क़रार दे रहे हैं.
नॉर्वे की मध्यस्थता से 2002 में हुए संघर्षविराम से श्रीलंका में पिछले बीस साल से चला आ रहा गृह युद्ध बंद हुआ था जिसमें 60 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.
राजपक्षे नवंबर में राष्ट्रपति चुने गए थे और उन्होंने चुनाव प्रचार में विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कड़ा रुख़ अपनाने की बात कही थी.