मंगलवार, 27 दिसंबर, 2005 को 09:52 GMT तक के समाचार
श्रीलंका में सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि संदिग्ध तमिल विद्रोहियों के एक हमले में 11 सैनिकों की मौत हो गई है.
सैन्य अधिकारियों के अनुसार सैनिकों की मौत तब हुई जब जाफ़ना प्रायद्वीप में उनका वाहन एक बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया.
ग़ौरतलब है कि जाफ़ना प्रायद्वीप श्रीलंका के उत्तर में स्थित है और वहाँ तमिल विद्रोही सक्रिय हैं.
दिसंबर महीने में संदिग्ध तमिल विद्रोहियों के हमलों में कम से कम 33 सैनिकों की मौत हो गई है.
श्रीलंका में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चार साल पहले सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच जो संघर्षविराम समझौता हुआ था, ताज़ा हिंसा से वो ख़तरे में पड़ता नज़र आ रहा है.
मंगलवार को बारूदी सुरंग के इस हमले से दो दिन पहले ही एक तमिल सांसद की हत्या हो गई थी और उस मामले ने भी काफ़ी तूल पकड़ा था.
तमिल विद्रोही समर्थक सांसद की हत्या के बाद सरकार और तमिल विद्रोहियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे.
शनिवार अर्धरात्रि को क्रिसमस के अवसर पर बट्टिकलोआ में एक गिरजाघर में प्रार्थना सभा के दौरान 71 वर्षीय तमिल सांसद जोसफ़ परराजसिंघम की अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी थी.
मारे गए सांसद की पार्टी तमिल नेशनल एलायंस का तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई से संबंध रहा है.
उनकी हत्या के बाद तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि अतिराष्ट्रवादी शक्तियों ने एक ऐसे देशभक्त को छीन लिया जिसने तमिल राष्ट्र की मुक्ति और मानवाधिकारों के लिए काम किया.
उधर सरकार ने कहा है कि तमिल सांसद की हत्या की साज़िश स्वयं तमिल विद्रोहियों ने रची क्योंकि वे ध्यान बँटाकर देश में उपद्रव लाना चाहते थे.
अंतरराष्ट्रीय दानकर्ता देशों और श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों के बीच मध्यस्थता करानेवाले विदेशी वार्ताकारों ने हिंसा में आती तेज़ी पर चिंता प्रकट की है.