मंगलवार, 27 दिसंबर, 2005 को 13:38 GMT तक के समाचार
विनोद वर्मा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई से
भारतीय जनता पार्टी का संकट ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है वो एक मुसीबत से उबरती है और दूसरी उसके सामने मुँह बाए खड़ी रहती है.
एक विवादास्पद सीडी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के महासचिव संजय जोशी को इस्तीफ़ा देना पड़ा है. वह संघ से पार्टी में काम करने के लिए भेजे गए थे.
पार्टी के उपाध्यक्ष वेंकैया नायडू ने मामला खुलने के बाद सफ़ाई देते हुए कहा है कि पार्टी ने इस सीडी की जाँच की है और इसे झूठा पाया गया है. लेकिन जोशी ने ख़ुद ही पद छोड़ने की इच्छा ज़ाहिर की और इसे स्वीकार कर लिया गया.
वेंकैया नायडू की इस सफ़ाई के आधे घंटे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि संजय जोशी पार्टी के महासचिव पद पर कार्य कर रहे हैं और बैठक में हैं.
लेकिन बात छिपाई नहीं जा सकी और मीडिया में ख़बरें आने के बाद पार्टी को स्वीकार करना पड़ा कि संजय जोशी ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
पता चला है कि संजय जोशी ने मंगलवार को पार्टी की बैठक में भाग नहीं लिया है.
हालांकि पार्टी कह रही है कि संजय जोशी ने ख़ुद इस्तीफ़ा दिया है लेकिन पार्टी के भीतर से ख़बरें आ रही हैं कि उन्हें संघ ने इस्तीफ़ा देने को कहा है और नागपुर वापस बुला लिया है.
मामला
जैसा कि वेंकैया नायडू ने बताया कि संजय जोशी के ख़िलाफ़ पिछले कुछ दिनों से दुष्प्रचार चल रहा था और कुछ लोगों ने उनके ख़िलाफ़ पार्टी के नेताओं को एक ऑडियो कैसेट भिजवाया था.
वेंकैया नायडू ने कहा है कि इसके बाद कुछ पार्टी नेताओं को एक वीडियो सीडी भी भिजवाई गई थी.
वेंकैया नायडू के अनुसार संजय जोशी ने भोपाल में पार्टी से कहा था कि इस मामले की जाँच की जाए और पार्टी ने जाँच के बाद पाया कि ऑडियो कैसेट और वीडियो कैसेट झूठे थे.
हालांकि वेंकैया नायडू ने नहीं बताया कि इस सीडी में और कैसेट में क्या था लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस बात से काफ़ी लोग वाकिफ़ थे कि ऐसा कुछ पार्टी के कई नेताओं के पास पिछले कुछ दिनों से था.
एक पत्र भी एक अज्ञात महिला के नाम से बाँटा गया था जिसमें संजय जोशी पर गंभीर आरोप लगाए गए थे और इसे लेकर महिला आयोग में भी शिकायत की गई थी.
पार्टी के कुछ नेता बताते हैं कि इस विवादास्पद सीडी में कुछ अंतरंग संबंधों की फ़िल्म थी. उल्लेखनीय है कि पार्टी ने इसे झूठा बताया है.