मंगलवार, 27 दिसंबर, 2005 को 07:36 GMT तक के समाचार
विनोद वर्मा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई से
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि कार्यकारिणी की बैठक में ऑपरेशन दुर्योधन में दोषी सांसदों के मामले को लेकर चर्चा ज़रुर होगी.
लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अपने अध्यक्षीय भाषण में इस मुद्दे का कोई ज़िक्र नहीं किया था.
मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि इस पर तो चर्चा होनी ही है कि प्रश्न पूछने के लिए पैसे लेने के मामले में दोषी पाए गए सांसदों के मामले में पार्टी का रुख़ राज्यसभा और लोकसभा में अलग-अलग क्यों था.
लेकिन लालकृष्ण आडवाणी के नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ने के मुद्दे पर जोशी एकाएक बचाव की मुद्रा में आ गए हैं.
मीडिया से सीधी बात करने से कतरा रहे जोशी ने कार्यकारिणी की बैठक के बीच आकर मीडिया से इस बात का खंडन किया है कि उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से लालकृष्ण आडवाणी का इस्तीफ़ा माँगा है.
उन्होंने कहा, “यह मेरे ख़िलाफ़ कोई षडयंत्र है और कोई ग़लत जानकारी फैला रहा है.”
दरअसल पार्टी सूत्रों का हवाला देते हुए कुछ समाचार पत्रों ने ख़बर छापी है कि जोशी ने आडवाणी से नेता प्रतिपक्ष का पद भी छोड़ने को कहा है.
उल्लेखनीय है कि जिन्ना प्रकरण के बाद लालकृष्ण आडवाणी से इस्तीफ़ा माँगने वालों में मुरली मनोहर जोशी प्रमुख थे.
लेकिन मंगलवार को अपनी सफ़ाई देने आए जोशी ने कहा कि वे चाहते थे कि आडवाणी जी एक पद छोड़ दें और जैसा कि उन्होंने (आडवाणी ने) अध्यक्ष का पद छोड़ चुके हैं, उन्हें दूसरा पद छोड़ने की आवश्यकता नहीं रह गई है.
इस बीच चर्चा चलती रही है कि मुरली मनोहर जोशी इस बात से भी नाराज़ हैं कि राजनाथ सिंह को नया अध्यक्ष बनाया जा रहा है और उनकी दावेदारी खारिज कर दी गई है.
लेकिन मंगलवार को उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.