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सोमवार, 26 दिसंबर, 2005 को 15:14 GMT तक के समाचार

विनोद वर्मा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई से

'संघ के कारण है भाजपा'

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता मदनदास देवी ने कहा है कि देश में जहाँ भी भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव है वह संघ के कारण ही है. संघ के नेता जब यह कह रहे थे तब भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी वहाँ मौजूद थे.

उन्होंने कहा कि संघ और भाजपा का 'गठजोड़' बहुत पुराना है लेकिन भाजपा ने भी बहुत काम किया है जिसका उल्लेख होना चाहिए. मुंबई में एक साप्ताहिक पत्रिका के कार्यक्रम में दोनों नेता मौजूद थे.

भाजपा के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के महासचिव प्रमोद महाजन, मुंबई भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी और भाजपा विधायक दल के नेता गोपीनाथ मुंडे भी उपस्थित थे.

मदनदास देवी का बयान ऐसे वक़्त पर आया है जब भाजपा को लेकर संघ पिछले कुछ महीनों से खुली नाराज़गी जताता रहा है.

लेकिन भाजपा इस बात से इनकार करती रही है कि पार्टी के मामले में संघ का कोई सीधा दखल रहा है.

जब भारतीय जनता पार्टी अपनी रजत जयंती मनाती हुई संकटों से उबरने की कोशिश कर रही है तब उसकी मातृसंस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह बयान और भाजपा का जवाब इस बात का संकेत है कि दोनों संस्थाओं के बीच वैचारिक मतभेद अब ख़त्म होता नज़र आ रहा है.

जहाँ मैं, वहाँ तुम

मदनदास देवी ने कहा, "आज भारत का कोई हिस्सा नहीं बचा है जहाँ आरएसएस ने अपने काम से प्रभाव क़ायम नहीं किया है और जहाँ आरएसएस का प्रभाव है वहाँ भाजपा भी पैर ज़माने में सफल रही है."

कार्यक्रम में लालकृष्ण आडवाणी ने याद किया कि किस तरह श्यामाप्रसाद मुखर्जी की पहल पर गोलवलकर ने आरएसएस के कुछ प्रचारक लेकर राजनीतिक दल शुरु करने की मंज़ूरी दी थी.

लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, "इन 25 बरसों में भाजपा ने भी बहुत कुछ किया है और इस काम का अब तक कोई लेखा-जोखा नहीं है. इसका भी दस्तावेज़ बनना चाहिए."

लालकृष्ण आडवाणी के जिन्ना पर दिए बयान के बाद से ही संघ के नेता लालकृष्ण आडवाणी से नाराज़ चल रहे थे.

इसके बाद से ही संघ चाहता था कि आडवाणी पद छोड़ दें और उनकी जगह दूसरी पंक्ति के किसी नेता को यह पद दे दिया जाए.

पिछले कुछ महीनों में संघ के नेताओं ने साफ़ कर दिया है कि पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक गई है और उसे आत्मावलोकन करना चाहिए.

चेन्नई में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लालकृष्ण आडवाणी ने दिसंबर तक पद छोड़ देने की घोषणा कर दी थी और संभावना है कि रजत जयंती समारोह ख़त्म होने के बाद आडवाणी अपना पद छोड़ देंगे.