शुक्रवार, 23 दिसंबर, 2005 को 15:32 GMT तक के समाचार
भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सरकार की तरफ़ से आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है.
गुरूवार देर रात एक बैठक में यह फ़ैसला किया गया.
इसकी जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी ने कहा कि मंत्रिमंडल ने इंद्रजीत गुप्ता कमेटी की अनुशंसा को मान लिया है.
चुनाव सुधारों पर गुप्ता कमेटी का गठन 1998 में किया गया था.
इसी के साथ सरकार ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श करे.
संवाददाताओं के अनुसार भारत में चुनाव सुधारों की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण क़दम है.
प्रावधान
हाल के वर्षों में चुनाव प्रचार के बढ़े ख़र्च को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकारी ख़र्चे पर चुनाव कराए जाने से भ्रष्टाचार पर रोक लग सकेगी.
मौजूदा क़ानून के मुताबिक संसदीय चुनाव में कोई भी उम्मीदवार अपने चुनाव क्षेत्र के आकार के अनुरूप 10 से 25 लाख रुपये ख़र्च कर सकता है.
इंद्रजीत गुप्ता कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ने के लिए सरकारी पैसा उपलब्ध कराया जाना बिल्कुल सही है.
हालाँकि कमेटी ने यह प्रावधान चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों तक ही सीमित रखने का सुझाव दिया है.
कमेटी ने निर्दलीय उम्मीदवारों को भी सरकारी सहायता के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव किया है.