शुक्रवार, 23 दिसंबर, 2005 को 17:29 GMT तक के समाचार
श्याम सुंदर
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा है कि संसद के निचले सदन से 10 सांसदों के निष्कासन के फैसले की सूचना जल्दी ही चुनाव आयोग को दे दी जाएगी.
शीतकालीन सत्र की समाप्ति पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन से निष्कासित सांसदों के क्षेत्र में उपचुनाव कराने संबंधी कोई भी फ़ैसला चुनाव आयोग ही करेगा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद से निष्कासित सांसदों को अयोग्य घोषित नही किया गया है.
सोमनाथ चटर्जी ने ये भी कहा कि निष्कासित सांसद अगर अदालत जाना चाहें तो जा सकते हैं.
सदस्यों के निष्कासन के फ़ैसले पर विपक्ष की आपत्तियों पर सोमनाथ चटर्जी ने टिप्पणी करने से मना किया पर इतना अवश्य कहा कि फ़ैसला चाहे विशेषाधिकार समिति करे या फिर कोई और समिति संसद ने इसकी पुष्टि की है इसलिए ये फ़ैसला सदन का है.
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि ये फ़ैसला किसी जल्दबाज़ी मे नही लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए बनी पवन बंसल समिति ने जितना उचित समझा उतना समय लिया.
दुखदायी फ़ैसला
निष्कासन के फ़ैसले पर व्यक्तिगत राय रखते हुए उन्होने कहा कि ये फ़ैसला दुखदायी था, पर इसके अलावा कोई विकल्प भी नही था.
उन्होने अपनी तरफ से इस मामले मे सफ़ाई भी पेश की, "मैं ये बिल्कुल साफ़ करना चाहता हूँ कि मैने कभी इस मामले मे अपनी कोई राय नही रखी, मैने कभी किसी को दोषी या निर्दोष नही बताया. जिस दिन ये मामला सामने आया उसी दिन मैने सभी दलों के नेताओं से मुलाक़ात की और उन्होंने कहा कि इस मामले मे जल्दी ही कुछ किया जाना चाहिए और उसके बाद ही ये कमेटी बनाई गई."
इससे पहले संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले से जुड़े 10 लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद को दोनों सदनों ने बर्ख़ास्त कर दिया.
इस पर लोकसभा में हुए मतदान का लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा ने वॉकआउट किया.