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शुक्रवार, 23 दिसंबर, 2005 को 09:18 GMT तक के समाचार

रिश्वत मामले से जुड़े सांसद बर्ख़ास्त

संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले से जुड़े 10 लोक सभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद को दोनों सदनों ने बर्ख़ास्त कर दिया है.

इस पर लोक सभा में हुए मतदान का लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा ने वॉकआउट किया.

भाजपा की इस मामले में अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर आपत्ति थी. उसकी माँग थी कि इस मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया जाए.

बर्ख़ास्त सांसदों में भाजपा के छह, बीएसपी के तीन और कांग्रेस और आरजेडी का एक-एक सांसद शामिल है.

सबसे पहले राज्यसभा ने चर्चा के बाद छत्रपाल सिंह लोधा को बर्ख़ास्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया.

दूसरी ओर सांसदों को निष्कासन के प्रस्ताव पर लोक सभा में लंबी बहस चली.

बाद में इस पर हुए मतदान का भाजपा ने वॉकआउट किया और उनकी अनुपस्थिति में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया.

लोक सभा में यह प्रस्ताव सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने पेश किया. भाजपा ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई और कहा कि इसके लिए उचित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है.

सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि हम सभी मानते हैं कि घूस लेने के मामले में कुछ किया जाए.

उनका कहना था कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और पूरा देश इस मामले पर नज़रें गडाए हुए है.

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि हर निर्णय अदालत में नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि हमें अन्य बातों से ऊपर उठकर सदन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए फ़ैसला लेना चाहिए.

भाजपा की आपत्ति

विपक्षी पार्टी भाजपा के विजय कुमार मल्होत्रा ने प्रस्ताव में संशोधन पेश किया और इस पर आपत्ति जताते हुए इसे विशेषाधिकार समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा.

विजय कुमार मल्होत्रा का कहना था, " सांसदों को अपनी बात कहने का और मौक़ा दिया जाना चाहिए और यदि वो वकील के माध्यम से अपनी बात रखना चाहें तो उसका भी अवसर मिलना चाहिए."

सीपीएम नेता वासुदेव आचार्य ने प्रस्ताव का समर्थन किया. उनका कहना था कि हम सब की पहली प्रतिक्रिया थी कि तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए लेकिन आज उस रुख़ में परिवर्तन क्यों हो रहा है.

समाजवादी पार्टी के सांसद मोहन सिंह ने हालांकि प्रस्ताव का समर्थन किया लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि इस फ़ैसले के गंभीर परिणाम होंगे. मोहन सिंह का कहना था कि इसका असर राज्यों में भी पड़ेगा.

निष्कासन की सिफ़ारिश

निष्कासन की जाँच कर रही पवन बंसल समिति ने मामले से जुड़े बताए जाने वाले 10 लोकसभा सदस्यों को सदन से निष्कासित करने की सिफ़ारिश की थी.

उल्लेखनीय है कि एक टेलीविज़न चैनल ने एक वीडियो टेप का प्रसारण किया था जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को संसद में प्रश्न पूछने के लिए घूस लेते दिखाया गया था.

टीवी चैनल 'आजतक' ने मीडिया कंपनी 'कोबरा पोस्ट' के साथ मिलकर यह ख़ुफ़िया रिकॉर्डिंग की थी.

इसे चैनल ने 'ऑपरेशन दुर्योधन' का नाम दिया था.