केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने मध्य प्रदेश में चलती रेल में लूट और कथित बलात्कार के मामले की जाँच के आदेश दिए हैं.
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष जेपी बत्रा पूरे मामले की जाँच करेंगे.
मुंबई से लखनऊ जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में यह घटना मध्य प्रदेश के सांची और विदिशा के बीच घटित होने की ख़बर आई थी.
गुरुवार को इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब हादसे की शिकार बताई जाने वाली युवती ने डॉक्टरी जाँच से इनकार कर दिया और बलात्कार होने की बात का भी खंडन किया.
रेलवे पुलिस के महानिदेशक पीएस पांडे ने बीबीसी को बताया कि इस युवती ने कहा है कि रेल में डकैती डालनेवाले लोगों ने उसके साथ बलात्कार नहीं किया.
लेकिन कथित बलात्कार की ख़बर के बाद यह सुर्खियों में आ गई. टीवी चैनलों ने इसे ज़ोर-शोर से दिखाना शुरु कर दिया था.
लूटपाट का विरोध करनेवाले तीन लोगों को चलती ट्रेन से फेंक दिए जाने की ख़बर आई थी लेकिन पुलिस महानिदेशक पीएस पांडे का कहना था कि उन्होंने रेलगाड़ी पर सवार कुछ अन्य लोगों से बात की है और उन्होंने भी किसी को ट्रेन से फ़ेंके जाने का खंडन किया है.
लेकिन पुलिस ने डकैती और बलात्कार का मामला दर्ज किया है और घटना की जाँच का कार्य शुरू हो गया है.
पुलिस का कहना है कि आठ से दस लोगों का यह ग्रुप भोपाल से इस ट्रेन में चढ़ा था और उनके पास चाकू और तलवार जैसे हथियार थे.
ट्रेन के भोपाल से रवाना होने के एक घंटे बाद उन्होंने रेल के सामान्य डिब्बे में लूटपाट शुरु कर दी.
माना जा रहा है कि इसके बाद ये लोग सांची और विदिशा स्टेशन के आसपास उतर गए.
अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.