रविवार, 18 दिसंबर, 2005 को 08:41 GMT तक के समाचार
शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे के भतीजे, राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ने की घोषणा कर दी है.
रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में एक रैली में इसकी घोषणा की और कहा कि वे महाराष्ट्र का दौरा करने के बाद अगले महीने एक नई पार्टी बनाएँगे.
उल्लेखनीय है कि 27 नवंबर को राज ठाकरे ने शिवसेना के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था और उद्धव ठाकरे की शिकायत करते हुए कहा था कि पिछले दस सालों से पार्टी में उनकी उपेक्षा हो रही है.
इसके बाद बाला साहेब और शिवसेना की ओर से उन्हें मनाने की कई कोशिशें की गईं जो नाकाम रहीं.
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे और भतीजे राज ठाकरे के बीच उत्तराधिकार को लेकर खींचतान पुरानी है.
पार्टी छोड़ने की घोषणा करते हुए राज ठाकरे ने कहा,"आज हर शिव सैनिक ये मानता है कि उद्धव पार्टी का नेतृत्व करने में अक्षम हैं...उद्धव ठाकरे को अधिकार तो सारे दे दिए गए हैं लेकिन उत्तदायित्व का क्या होगा?"
प्रतिक्रिया
राज ठाकरे के पार्टी छोड़ने के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज ठाकरे के जाने से पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
ये कहते हुए कि राज ठाकरे के लिए उनके दरवाज़े अभी भी खुले हैं, उद्धव ठाकरे ने पार्टी अध्यक्ष के तौर पर लिए गए अपने निर्णयों का बचाव किया.
उद्धव ने कहा,"मैंने आज की तारीख़ तक जो भी किया है वह शिव सेना के लिए किया है, ना कि अपने लिए."
वहीं इस बारे में शिवसेना के पूर्व सांसद और अब कांग्रेस के नेता, संजय निरुपम ने कहा है कि राज ठाकरे अब अगला क्या क़दम उठाते हैं, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है पर उनके इस कदम से शिवसेना को नुकसान होगा.
शिवसेना के ही एक पुराने दिग्गज और अभी एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि राज ठाकरे के इस क़दम से दोनों को नुकसान होगा.
फ़िलहाल शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.