रविवार, 18 दिसंबर, 2005 को 13:48 GMT तक के समाचार
भूटान के राजा ने घोषणा की है कि वर्ष 2008 में पूरे भूटान में लोकतांत्रिक चुनाव कराए जाएंगे जिसके बाद वह सत्ता लोगों द्वारा गठित सरकार को सौंप देंगे.
यह जानकारी भूटान के मीडिया सूत्रों के हवाले से दी गई है.
33 वर्षों के अपने शासनकाल के बाद राजा जिग्मे सिंग्ये वॉगचुक ने 1998 में ही सत्ता से अपना सीधा अधिकार कम करना शुरू कर दिया था.
फ़िलहाल राजा भूटान में एक साझी व्यवस्था के तहत शासन कर रहे हैं जिसमें एक सदन है और एक शाही सलाहकार परिषद है.
भूटान के एक काफ़ी भीतरी गांव में हज़ारों याक चरानेवालों, भिक्षुओं, किसानों और छात्रों को संबोधित करते हुए राजा ने कहा है कि वह शीघ्र ही उत्तराधिकारी राजकुमार को तमाम ज़िम्मेदारियां सौंप देंगे.
संसदीय लोकतंत्र
भूटान में ही एक जगह, त्रशयांगसे में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मैं अपनी जनता को यह बताना चाहता हूँ कि वर्ष 2008 में देश में पहले राष्ट्रीय स्तर के चुनाव होंगे जो देश में एक संसदीय लोकतंत्र की बहाली करेंगे."
भूटान में एक समाचारपत्र में प्रकाशित अपने भाषण में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि भूटान के लोग एक सही राजनीतिक दल को चुनने में सफल रहेंगे जो कि अच्छा शासन दे सकेगी और देश के हितों के लिए काम कर सकेगी.
सरकार की ओर से पहले ही यह कहा जा चुका है कि इस वर्ष के अंत तक एक चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कर दी जाएगी जो आगामी चुनावों के मद्देनज़र संसदीय क्षेत्रों के निर्धारण और मतदान के पूर्वाभ्यास करा सकेंगे.
इस दिशा में एक संवैधानिक प्रारूप भी तैयार किया जा चुका है जिसके अनुसार दो सदन होंगे. एक 75 सदस्यी राष्ट्रीय संसद होगी और दूसरा 25 सदस्यी राष्ट्रीय परिषद जिसमें राजा राज्य के प्रमुख की भूमिका में होंगे.
सूत्रों ने यह भी बताया है कि राजा अपनी जिस छवि को लोगों के सामने स्थापित करना चाह रहे हैं, उसमें एक साधारण जीवन शैली, कर्मठ और लकड़ी के एक छोटे से केबिन में काम करने वाले राजा की तस्वीर है.
इससे इतर उनके राजमहल का इस्तेमाल उनकी चारों पत्नियों द्वारा किया जाएगा. राजा की चारों पत्नियां आपस में बहन हैं.