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शुक्रवार, 16 दिसंबर, 2005 को 08:51 GMT तक के समाचार

नेपाल में बंद से आम जनजीवन प्रभावित

नेपाल में एक सैनिक की गोलीबारी में 12 लोगों के मारे जाने के विरोध में शुक्रवार को बंद के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. बंद के कारण नेपाल की राजधानी काठमांडू में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

स्कूल-कॉलेज, दूकानें और फ़ैक्टरियाँ बंद हैं और सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दिख रहे हैं. बुधवार देर रात राजधानी काठमांडू के निकट नगरकोट में धार्मिक उत्सव के दौरान एक सैनिक की गोलीबारी में 12 लोग मारे गए थे.

नेपाली सेना इस घटना की जाँच कर रही है. सरकार ने भी अपने स्तर पर जाँच कराने की घोषणा की है. सेना का कहना है कि गोलीबारी करने वाला सैनिक भी मारा गया लेकिन अभी ये नहीं बताया गया है कि उसकी मौत कैसे हुई.

बीबीसी के सुशील शर्मा ने काठमांडू से बताया है कि नेपाल में हत्या का जम कर विरोध हो रहा है. लोग काफ़ी नाराज़ हैं.

ज़िम्मेदारी

बंद का आह्वान करने वाले सात विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ने इस घटना के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि विपक्षी दल इस घटना से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

ख़बरों में बताया गया है कि राजधानी काठमांडू के अलावा देश के कई ज़िलों में हत्या के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए हैं.

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ स्थानीय लोगों और एक सैनिक के बीच झड़प के बाद सैनिक ने भीड़ पर गोलियाँ चलाई. उस समय नगरकोट के कालिका मंदिर में एक धार्मिक उत्सव मनाने बड़ी संख्या में लोग जुटे हुए थे.

कुछ रिपोर्टों में ये कहा गया है कि सैनिक ने शराब पी रखी थी और वह उत्सव के दौरान नाच रही लड़कियों के साथ छेड़खानी कर रहा था.

सेना ने भी माना है कि सैनिक पास के एक बैरक का था और उसने भीड़ पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाई. सेना ने एक बयान में कहा, "सेना ने इस घटना को काफ़ी गंभीरता से लिया है और इसकी जाँच के आदेश दे दिए गए हैं."

अधिकारियों का कहना है कि 19 घायलों में से कुछ की हालत गंभीर है.