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मंगलवार, 13 दिसंबर, 2005 को 07:31 GMT तक के समाचार

मुज़फ़्फ़राबाद से काशिफ़ क़मर
बीबीसी संवाददाता

दो महीने बाद मलबे में ज़िंदा मिली

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भूकंप प्रभावित क्षेत्र में कुछ लोगों को कई दिनों के बाद भी मलबे से जीवित निकाला गया था.

लेकिन मुज़फ़्फ़राबाद के पास कमसर में एक महिला को तो दो महीने बाद मलबे से जीवित निकाला गया है.

कमसर राहत शिविर में रह रहे लोगों का कहना है कि आठ अक्तूबर को आए भूकंप के दो महीने से भी ज़्यादा समय बाद नक़्शा बीवी को मलबे से जीवित निकाला गया है.

इन लोगों के मुताबिक़ 10 दिसंबर को जब मलबा हटाया गया तो 40 वर्षीय नक़्शा बीवी को जीवित पाया गया. नक़्शा बीबी के दो भाई और उनके माँ-बाप भूकंप में मारे जा चुके हैं.

परीक्षण

पिछले दो दिनों से ये महिला स्थानीय राहत कर्मचारियों के पास थी. सोमवार को जर्मन डॉक्टरों की एक टीम इस महिला को देखने पहुँची.

लोगों ने जर्मन डॉक्टरों की टीम को बताया कि नक़्शा बीवी कुछ भी खा-पी नहीं रही है. बाद में जर्मन डॉक्टरों की ये टीम नक़्शा बीबी को मुजफ़्फ़राबाद ले गई.

जहाँ डॉक्टर नक़्शा बीवी की जाँच कर रहे हैं. उसके बाद ही उनका बाक़ायदा इलाज शुरू होगा.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर और पाकिस्तान के अन्य इलाक़ों में आठ अक्तूबर को आए भूकंप में 73 हज़ार लोग मारे गए थे. जबकि भारत प्रशासित कश्मीर में 13 सौ लोग मारे गए थे.

अभी भी इन इलाक़ों में राहत कार्य चल रहा है. लेकिन कई इलाक़ों में अभी भी राहत कार्य प्रभावित है.