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सोमवार, 05 दिसंबर, 2005 को 01:32 GMT तक के समाचार

'धमाके के लिए तमिल विद्रोही ज़िम्मेदार'

श्रीलंका की सरकार ने रविवार को बारूदी सुरंग के विस्फोट में नौ सैनिकों के मारे जाने की घटना के लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

रविवरा को उत्तरी जाफ़ना प्रायद्वीप में एक बारूदी सुरंग के धमाके में नौ सैनिक मारे गए थे. सरकार की ओर से जारी बयान में इस घटना को संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन बताया गया है.

सरकार ने अपने बयान में चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाए जाने चाहिए.

श्रीलंका की सेना का कहना है कि शुक्रवार से अलग-अलग हमलों में विद्रोहियों ने तीन सैनिकों की हत्या कर दी है.

संघर्ष विराम की निगरानी कर रहे अधिकारियों का कहना है कि देश के उत्तरी और पूर्वी इलाक़ों में बढ़ रही हिंसा की घटनाओं से देश की सुरक्षा व्यवस्था पर असर हो सकता है.

अभी तक तमिल विद्रोहियों की ओर से कोई बयान नहीं आया है. पिछले महीने राष्ट्रपति के पद पर महिंदा राजपक्षे के चुनाव के बाद से ही एलटीटीई और सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है.

महिंदा राजपक्षे के चुनाव के बाद एलटीटीई प्रमुख प्रभाकरन ने एक बयान जारी करके कहा था कि अगर सरकार जल्द ही विवाद का हल लेकर नहीं आती, तो संघर्ष तेज़ कर दिया जाएगा.

हालाँकि इसके बाद राष्ट्रपति राजपक्षे ने कहा था कि वे एलटीटीई के साथ बातचीत करने को तैयार हैं. लेकिन ताज़ा घटना के बाद से सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच रिश्ते और तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है.

रविवार को हुए बारूदी सुरंग के धमाके में जितने सैनिक मारे गए उतने फरवरी 2002 में सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच हुए संघर्ष विराम के बाद किसी एक धमाके में कभी नहीं मारे गए.

श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि जाफ़ना के निकट सैनिक उस समय एक ट्रैक्टर की ट्रॉली पर सफ़र कर रहे जब बारूदी सुरंग में धमाका हुआ. धमाके में नौ सैनिक मारे गए और एक सैनिक गंभीर रूप से घायल है.